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Indian Navy : भारतीय नौसेना की बढ़ी ताकत, बीडीएल ने एनएसटीएल  को सौंपा स्वदेशी भारी टॉरपीडो

Indian Navy : भारतीय नौसेना की बढ़ी ताकत, बीडीएल ने एनएसटीएल को सौंपा स्वदेशी भारी टॉरपीडो

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विशाखापत्तनम, 25 अप्रैल। रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले एक प्रमुख रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल ) ने गुरुवार को अपनी विशाखापत्तनम इकाई में नौसेना विज्ञान एवं तकनीकी प्रयोगशाला (एनएसटीएल ) को एक उत्पादन-ग्रेड वायर गाइडेड हेवी वेट टॉरपीडो (डब्ल्यूजीएचडब्ल्यूटी) सौंपा। यह स्वदेशी रक्षा निर्माण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। बीडीएल की ओर से शुक्रवार देर रात जारी एक बयान में बताया गया कि इस कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें विशिष्ट वैज्ञानिक एवं महानिदेशक आर.वी. हारा प्रसाद, बीडीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ए. माधवराव, और अब्राहम वर्गीस शामिल थे।

इनके साथ ही बीडीएल, एनएसटीएल और भारतीय नौसेना की टीमें भी मौजूद थीं। विकास-सह-उत्पादन भागीदार (डीसीपीपी) के रूप में बीडीएल ने एनएसटीएल के साथ मिलकर भारत के पहले स्वदेशी उत्पादन-ग्रेड वायर-गाइडेड हेवी वेट टॉरपीडो को सफलतापूर्वक साकार करने के लिए गहन सहयोग किया। इस प्रणाली को अभ्यास और युद्ध, दोनों तरह के विन्यासों में विकसित किया गया है और इसे औपचारिक रूप से एनएसटीएल को सौंप दिया गया है। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत उन्नत नौसैनिक हथियार प्रणालियों में भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह टॉरपीडो उन्नत होमिंग और प्रोपल्शन प्रणालियों से लैस है, साथ ही इसमें परिष्कृत खोज, हमला और पुनः हमला करने की क्षमताएं भी हैं, जिससे भारतीय नौसेना की परिचालन तत्परता में काफी वृद्धि हुई है। अधिकारियों ने बताया कि यह उपलब्धि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और बीडीएल के बीच मजबूत सहयोग को दर्शाती है, जिसे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) सहित औद्योगिक भागीदारों के एक विस्तृत नेटवर्क का समर्थन प्राप्त है। इतनी जटिल पानी के नीचे काम करने वाली हथियार प्रणाली का सफल उत्पादन, अत्याधुनिक नौसैनिक प्रौद्योगिकियों में भारत की बढ़ती विशेषज्ञता को रेखांकित करता है। इस अवसर पर गणमान्य व्यक्तियों ने उन वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और उत्पादन टीमों के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने इस परियोजना में अपना योगदान दिया।

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