नई दिल्ली, 8 सितम्बर। FIH हॉकी विश्व कप से पहले जर्सी का रंग बदलकर भगवा करने को लेकर मचे बवाल के बाद अब आगामी एशियाई खेलों में भारतीय हॉकी टीमें अपनी पारंपरिक नीली जर्सी में नजर आएंगी।
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हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने मंगलवार को बताया, ‘भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) ने टीम किट के रंगों को लेकर विकल्प दिए थे, जिसके बाद हॉकी इंडिया ने भारतीय टीम की जर्सी के लिए नीले रंग को पहली पसंद बनाया। केसरिया रंग दूसरी पसंद है।’
दिलीप टिर्की ने एशियाई खेलों में हिस्सा लेने जा रहे खिलाड़ियों के लिए आयोजित विदाई समारोह से इतर कहा ,‘मैंने विश्व कप से पहले भी कहा था कि टीम जर्सी का नारंगी रंग स्थायी नहीं है। इसे भविष्य में बदला भी जा सकता है। अब एशियाई खेलों में नीला रंग वापस आ गया है। टीम नीली जर्सी में खेलेगी।’
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उल्लेखनीय है कि पिछले माह नीदरलैंड्स और बेल्जियम की संयुक्त मेजबानी में हुए विश्व कप से ठीक पहले भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग पारंपरिक नीले से बदलकर केसरिया किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। मामले ने राजनीतिक मोड़ भी ले लिया था, जब विपक्ष ने इसे लेकर केंद्र सरकार को निशाना बनाया था।

विवाद उस समय और बढ गया था, जब टिर्की ने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उनकी या कार्यकारी बोर्ड की जानकारी के बिना जर्सी का रंग बदलने का फैसला लिया गया था। जर्सी का रंग बदलने के पीछे तर्क दिया गया था कि नीली टर्फ पर नीले रंग की जर्सी में खेलने से दिक्कत आती है। उस समय भी पूर्व कप्तान वीरेन रासकिन्हा, परगट सिंह, धनराज पिल्लै, अजित पाल सिंह समेत कई दिग्गजों ने फैसले पर सवाल उठाये थे।
गौरतलब है कि भारतीय पुरुष हॉकी टीम विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद आठवें स्थान पर रही जबकि महिला टीम ने पांचवां स्थान हासिल किया, जो 1974 के बाद यानी 52 वर्षों में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। 1974 विश्व कप में भारतीय महिलाएं चौथे स्थान पर रही थीं।


