एशियाई खेल : 503 सदस्यीय भारतीय दल की भव्य विदाई, खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बढ़ाया हौसला

नई दिल्ली, 8 सितम्बर। जापानी शहर आइची-नागोया में अगले पखवारे शुरू हो रहे एशियाई खेल 2026 के लिए राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को भारतीय दल को भव्य विदाई दी गई। इस अवसर पर केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने खिलाड़ियों से दबाव को प्रदर्शन में बदलने, प्रतिद्वंद्वियों को अवसर के रूप में देखने और हर अवसर को उपलब्धि में बदलने का आह्वान किया। इन खेलों में 503 सदस्यीय भारतीय दल देश का प्रतिनिधित्व करेगा।

45 देशों के 11,000 से ज्यादा एथलीटों की भागीदारी की उम्मीद

महाद्वीपीय खेलों के 20वें संस्करण का 19 सितम्बर से चार अक्टूबर तक आयोजन किया गया है। 43 खेल, 71 डिसिप्लिन और 469 मेडल इवेंट को समाहित करने वाले इन खेलों में 45 देशों और क्षेत्रों के 11,000 से ज्यादा एथलीटों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। देखा जाए तो जापान तीसरी बार एशियाई खेलों की मेजबानी कर रहा है। इसके पहले टोक्यो में 1958 और हिरोशिमा में 1994 में इन खेलों का आयोजन हो चुका है।

भारतीय दल की आधिकारिक जर्सी का अनावरण

खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस अवसर पर भारतीय ओलम्पिक संघ (IOA) की अध्यक्ष डॉ.पी.टी. उषा, खेल सचिव हरि रंजन राव और दल प्रमुख सहदेव यादव के साथ खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ की मौजूदगी में भारतीय दल की आधिकारिक जर्सी का अनावरण किया। उन्होंने खिलाड़ियों को एशियाई खेलों के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके शानदार प्रदर्शन का भरोसा जताया।

दबाव को प्रदर्शन में बदलने का आह्वान

डॉ. मांडविया ने कहा कि खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के दबाव को अपनी ताकत और प्रदर्शन में बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती के बजाय अवसर के रूप में देखा जाए और मिले अवसरों को उपलब्धियों में बदला जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय दल एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाएगा।

खिलाड़ी की सफलता राष्ट्र की सफलता

केंद्रीय खेल मंत्री ने कहा कि खेल ऐसा क्षेत्र है, जहां सफलता केवल खिलाड़ी के लिए गर्व का विषय नहीं होती, बल्कि खिलाड़ी की सफलता पूरे राष्ट्र की सफलता होती है। उन्होंने कहा कि 503 सदस्यीय भारतीय दल एशियाई खेलों में हिस्सा लेने जा रहा है और उन्हें पूरा विश्वास है कि भारतीय खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

300 से अधिक खिलाड़ी पहली बार लेंगे हिस्सा

डॉ. मांडविया ने भारतीय खेलों में उभरती प्रतिभाओं और युवा खिलाड़ियों की बढ़ती संख्या को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि 503 खिलाड़ियों में से 300 से अधिक खिलाड़ी पहली बार एशियाई खेलों में हिस्सा लेने जा रहे हैं। यह भारतीय खेलों में नई प्रतिभाओं के उभरने और मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार होने का संकेत है।

राष्ट्रमंडल खेलों के प्रदर्शन का भी किया जिक्र

केंद्रीय मंत्री ने ग्लास्गो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि खुले ट्रायल, स्वतंत्र पर्यवेक्षकों और कैमरा निगरानी के जरिए पारदर्शी और योग्यता आधारित चयन सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 13 स्वर्ण पदक जीते थे और इस बार पदकों की संख्या में 35% से अधिक की वृद्धि हुई है।

खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को शुभकामनाएं

डॉ. मांडविया ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ ने देश को गौरवान्वित करने के लिए कड़ी मेहनत की है। उन्होंने पूरे दल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खिलाड़ियों को आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरना चाहिए और अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन करना चाहिए।

प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता से खुले नए अवसर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खेलों को लेकर दूरदर्शिता का उल्लेख करते हुए डॉ. मांडविया ने कहा कि सरकार ने भारतीय खिलाड़ियों के लिए वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के नए अवसर और रास्ते खोले हैं। उन्होंने कहा कि देश में खेलों के लिए ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है, जिससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिल सकें।

2036 तक विश्व खेल मंच पर मजबूत स्थान का लक्ष्य

डॉ. मांडविया ने कहा कि भारत का लक्ष्य वर्ष 2036 तक विश्व खेल मंच पर मजबूती से अपनी जगह बनाना है। उन्होंने कहा कि जब भारत ओलम्पिक की मेजबानी करेगा, तब तक देश को वैश्विक खेल शक्ति के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करनी होगी। इसके लिए 10 वर्ष की योजना के तहत खेल अवसंरचना में सुधार के लिए 36,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है।

खेल यात्रा केवल पदकों से नहीं, सपनों से मापी जाती है

आईओए अध्यक्ष डॉ.पी.टी. उषा ने कहा कि खेल की यात्रा केवल पदकों से नहीं, बल्कि सपनों से मापी जाती है। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी देश के प्रतिनिधि के रूप में एशियाई खेलों में हिस्सा लेने जा रहे हैं। यह उनके लिए जिम्मेदारी भी है और सौभाग्य भी। उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ की ओर से प्रधानमंत्री और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

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