प्याज की बढ़ती कीमतों पर सरकार की नजर : बफर स्टॉक से देशभर में नियंत्रित व लक्षित आपूर्ति शुरू

नई दिल्ली, 26 अगस्त। केंद्र सरकार ने आने वाले महीनों में प्याज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और मौसमी कीमतों में बढ़ोतरी पर अंकुश लगाने के लिए बफर स्टॉक से प्याज की नियंत्रित और लक्षित आपूर्ति शुरू कर दी है। इसके तहत रेलवे रेक और सड़क परिवहन के हाइब्रिड मॉडल के जरिए प्रमुख उपभोग केंद्रों तक प्याज पहुंचाया जाएगा। इस कड़ी में नासिक से नई दिल्ली के लिए पहली ‘कांदा एक्सप्रेस’ रवाना हो गई है। वहीं, एनसीसीएफ, नेफेड, केंद्रीय भंडार, सफाल और अन्य खुदरा केंद्रों के माध्यम से उपभोक्ताओं को प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया जाएगा।

307.37 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान

सरकार के अनुसार घरेलू मांग को पूरा करने के लिए आने वाले महीनों में प्याज की उपलब्धता पर्याप्त रहने की उम्मीद है। वर्ष 2025-26 में प्याज का उत्पादन 307.37 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 307.67 लाख मीट्रिक टन के लगभग बराबर है। सरकार का कहना है कि मजबूत उत्पादन, बफर स्टॉक और समय पर बाजार हस्तक्षेप से आने वाले महीनों में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने और मौसमी कीमतों पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

रबी प्याज की 2 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य

पर्याप्त उत्पादन को देखते हुए सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) बफर के तहत 2 लाख मीट्रिक टन रबी प्याज खरीद का लक्ष्य तय किया है। नेफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से खरीद अभियान 15 मई 2026 से शुरू हुआ था। अब तक करीब 1.21 लाख मीट्रिक टन प्याज बफर के लिए खरीदा जा चुका है।

पहली बार सीडब्ल्यूसी को भंडारण की जिम्मेदारी

भंडारण प्रबंधन और परिचालन दक्षता को मजबूत करने के लिए केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को वर्ष 2026-27 में पहली बार पीएसएफ प्याज बफर के लिए भंडारण एजेंसी बनाया गया है। सरकार के मुताबिक, ओणम, गणेश चतुर्थी, दुर्गा पूजा, दशहरा, दिवाली और विवाह सीजन के दौरान मांग बढ़ने के साथ आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े कारणों के चलते प्याज की कीमतों में सामान्य तौर पर मौसमी तेजी आती है।

बफर स्टॉक से नियंत्रित और लक्षित आपूर्ति

मौसमी मांग के दौरान पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों में अनावश्यक उतार-चढ़ाव रोकने के लिए सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज की नियंत्रित और लक्षित आपूर्ति शुरू की है। प्याज को रेलवे रेक और सड़क परिवहन के हाइब्रिड मॉडल के जरिए प्रमुख उपभोग केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। बाजार की स्थिति और कीमतों के रुझान के आधार पर आपूर्ति की मात्रा, कवरेज और वितरण माध्यमों का दायरा आगे बढ़ाया जाएगा।

35 रुपये प्रति किलो में प्याज की खुदरा बिक्री

सरकार की योजना एनसीसीएफ और नेफेड के मोबाइल वैन व खुदरा केंद्रों के साथ सफाल और केंद्रीय भंडार के माध्यम से प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचने की है। एनसीसीएफ के नौ आउटलेट और 40 मोबाइल वैन, नेफेड के 13 आउटलेट और 50 मोबाइल वैन तथा केंद्रीय भंडार के करीब 100 आउटलेट के जरिए लक्षित खुदरा बिक्री की जाएगी। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर प्याज उपलब्ध कराना है।

कांदा एक्सप्रेस से तेज होगी बफर प्याज की आवाजाही

बफर प्याज को उत्पादक क्षेत्रों से प्रमुख उपभोग केंद्रों तक पहुंचाने के लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’ महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक पहल बनकर उभरी है। वर्ष 2024-25 में 14 रेलवे रेक के जरिए करीब 12,000 मीट्रिक टन प्याज पांच शहरों तक पहुंचाया गया था। वर्ष 2025-26 में इस अभियान का विस्तार हुआ और 86 रेलवे रेक के जरिए करीब 88,000 मीट्रिक टन प्याज 16 शहरों तक पहुंचाया गया।

नासिक से दिल्ली के लिए पहली कांदा एक्सप्रेस रवाना

चालू वित्त वर्ष में नासिक से नई दिल्ली के लिए कांदा एक्सप्रेस के जरिए प्याज की ढुलाई शुरू हो गई है। पहली कांदा एक्सप्रेस नासिक से रवाना हो चुकी है और इसके दिल्ली-एनसीआर पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा चेन्नई, कोलकाता, एर्नाकुलम, गुवाहाटी, वाराणसी, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, जम्मू और अमृतसर जैसे प्रमुख उपभोग केंद्रों तक सड़क मार्ग से भी प्याज भेजा जा रहा है। इससे बाजार की जरूरत के अनुसार बफर प्याज की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

अप्रैल-जून में 3.82 लाख मीट्रिक टन प्याज का निर्यात

देश से प्याज का निर्यात भी मजबूत बना हुआ है। अप्रैल-जून 2026 के दौरान करीब 3.82 लाख मीट्रिक टन प्याज का निर्यात किया गया। मलेशिया, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और नेपाल प्रमुख निर्यात गंतव्यों में शामिल रहे। सरकार के अनुसार, मजबूत निर्यात के बावजूद घरेलू बाजार में प्याज की उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है।

579 केंद्रों पर रोजाना कीमतों की निगरानी

उपभोक्ता मामले विभाग देशभर के 579 केंद्रों पर प्याज समेत 41 आवश्यक वस्तुओं की कीमतों की रोजाना निगरानी करता है। कीमतों के रुझान के साथ मंडियों में आवक और मांग की स्थिति को बफर स्टॉक जारी करने की मात्रा और गंतव्यों के निर्धारण में महत्वपूर्ण इनपुट माना जाता है। सरकार राज्यों में प्याज की कीमत, आवक और उपलब्धता पर लगातार नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त हस्तक्षेप करेगी।

टमाटर, आलू और चना दाल की कीमतें एक वर्ष पहले से कम

सरकार के अनुसार, तूर, चना, मसूर, उड़द और मूंग जैसी प्रमुख दालों तथा टमाटर और आलू जैसी आवश्यक सब्जियों की कीमतें फिलहाल स्थिर और सीमित दायरे में हैं। 26 अगस्त 2026 को अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत टमाटर की 38.33 रुपये प्रति किलोग्राम, आलू की 22.63 रुपए, चना दाल की 86.71 रुपये, आटे की 40.48 रुपये, तूर दाल की 123.30 रुपये, दूध की 60.82 रुपये प्रति लीटर और प्याज की 37.87 रुपये प्रति किलोग्राम रही। टमाटर, आलू और चना दाल की कीमतें पिछले वर्ष की तुलना में कम हैं।

उपभोक्ता और किसानों के हितों के बीच संतुलन

सरकार ने कहा कि वह उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के साथ किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए संतुलित और साक्ष्य-आधारित मूल्य स्थिरीकरण रणनीति अपना रही है। प्याज की कीमत, आवक, उपलब्धता और मांग की लगातार निगरानी की जाएगी। बाजार की परिस्थितियों के अनुसार बफर स्टॉक की रिलीज की मात्रा, कवरेज और वितरण माध्यम तय किए जाएंगे, ताकि पर्याप्त आपूर्ति बनी रहे और मौसमी कीमतों पर अनावश्यक दबाव को नियंत्रित किया जा सके।

 

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