केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी : मोदी कैबिनेट ने दी महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत बढ़ोतरी की मंजूरी
नई दिल्ली, 19 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है। यह बढ़ोतरी एक जनवरी 2026 से लागू होगी, जिससे कर्मचारियों के सकल वेतन में बढ़ोतरी होगी।
पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत जारी करने की भी मंजूरी दी
कैबिनेट ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त महंगाई भत्ता (डीए) और पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) जारी करने की भी मंजूरी दी है। यह बढ़ोतरी मौजूदा 58 प्रतिशत की दर से दो प्रतिशत ज्यादा है, जो महंगाई के असर को कम करने के लिए दी जा रही है।
केंद्र सरकार के सभी कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए डीए (DA) और डीआर (DR) में बढ़ोतरी की गई है, जिसकी कुल लागत भारत सरकार को लगभग ₹6791 करोड़ प्रति वर्ष आएगी,डीए और डीआर अब 1 जनवरी 2026 से बेसिक पे का 60% हो जाएगा, इसमें 2% की वृद्धि की गई है (58% से बढ़कर 60%) इससे करीब 50 लाख… pic.twitter.com/h75sBytJlq
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) April 18, 2026
सरकारी खजाने पर वार्षिक करीब 6,791.24 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ
सरकार के अनुसार डीए और डीआर बढ़ाने से सरकारी खजाने पर वार्षिक करीब 6,791.24 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इस फैसले से लगभग 50.46 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 68.27 लाख पेंशनर्स को फायदा मिलेगा।
लगभग 50.46 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 68.27 लाख पेंशनर्स को फायदा
यह बढ़ोतरी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर तय किए गए फॉर्मूले के अनुसार की गई है। इस फैसले से कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी होगी, वहीं दूसरी ओर प्रस्तावित 8वें वेतन आयोग को लेकर भी वेतन संरचना में बड़े बदलाव की मांग तेज हो रही है।
एनसी-जेसीएम की सरकार से फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक बढ़ाने की मांग
इसी बीच, नेशनल काउंसिल-ज्वॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (एनसी-जेसीएम) ने सरकार को दिए गए ज्ञापन में फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक बढ़ाने की मांग की है। यदि यह प्रस्ताव मान लिया जाता है तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर करीब 69,000 रुपये तक पहुंच सकती है। फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा गुणक होता है, जिसके जरिए महंगाई और जीवन-यापन की लागत को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों की सैलरी तय की जाती है।
एनसी-जेसीएम के प्रमुख सुझावों में ये मुद्दे भी शामिल
एनसी-जेसीएम ने इसके अलावा हर वर्ष छह प्रतिशत वेतन वृद्धि, प्रमोशन पर दो इंक्रीमेंट और कम से कम 10,000 रुपये का लाभ देने जैसे सुझाव भी दिए हैं। यदि ये बदलाव लागू होते हैं, तो देश के 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और करीब 65 लाख पेंशनर्स सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।
