रविवार को खुले सरकारी बैंक, 3 दिन की हड़ताल से पहले ग्राहकों के लिए बड़ी राहत; ATM से कैश निकासी पर नहीं लगेगा अतिरिक्त शुल्क

नई दिल्ली, 27 सितंबर। देशभर के सरकारी बैंकों में आज रविवार को भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं। दरअसल, 12 सरकारी बैंकों के करीब 7.5 लाख कर्मचारी सोमवार से बुधवार तक लगातार तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल पर जाने वाले हैं। ऐसे में ग्राहकों को होने वाली संभावित परेशानी को कम करने के लिए रविवार को बैंक शाखाएं खोलने का निर्णय लिया गया है।बताया जा रहा है कि करीब 10 साल बाद ऐसा अवसर आया है, जब रविवार को बैंक शाखाएं खोली गई हैं। इससे पहले नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान नकदी जमा करने और बदलने की सुविधा देने के लिए रविवार को भी बैंक खोले गए थे।

हड़ताल के दौरान ATM से कैश निकासी पर राहत

तीन दिवसीय बैंक हड़ताल के दौरान ग्राहकों को नकदी की परेशानी से बचाने के लिए ATM से जुड़े नियमों में अस्थायी राहत दी गई है। हड़ताल की अवधि में सरकारी बैंकों के ATM से नकद निकासी पर सामान्य मासिक मुफ्त लेनदेन सीमा के बाद भी अतिरिक्त शुल्क नहीं लेने की व्यवस्था बताई गई है। सामान्य तौर पर ग्राहक अपने बैंक के ATM से महीने में पांच बार और अन्य बैंकों के ATM से मेट्रो शहरों में तीन तथा गैर-मेट्रो शहरों में पांच बार मुफ्त लेनदेन कर सकते हैं। निर्धारित सीमा के बाद प्रत्येक अतिरिक्त नकद निकासी पर ₹23 और GST का शुल्क लागू होता है।

7 बैंक यूनियनें हड़ताल में शामिल

बैंक कर्मचारियों की सात प्रमुख यूनियनें इस देशव्यापी हड़ताल में शामिल हैं। इनमें AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC शामिल हैं। यूनियनों का दावा है कि इन संगठनों से देश के 90 फीसदी से अधिक बैंक कर्मचारी जुड़े हैं। वित्तीय सेवा विभाग (DFS), इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक प्रबंधन की ओर से हड़ताल वापस लेने की अपील की गई थी, लेकिन यूनियनों ने इसे स्वीकार नहीं किया। यूनियनों की प्रमुख मांग है कि बैंकों में सोमवार से शुक्रवार तक पांच दिन काम और शनिवार-रविवार को अवकाश की व्यवस्था लागू की जाए। उनका कहना है कि जब तक केंद्र सरकार इस संबंध में निश्चित समय-सीमा नहीं बताती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

5-डे वर्किंग और PLI को लेकर विवाद

बैंक कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच विवाद के प्रमुख मुद्दों में पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) शामिल हैं। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि सभी शनिवारों को बैंक अवकाश घोषित किया जाए। वहीं, वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि वेतन समझौते के दौरान इस मुद्दे पर सहमति नहीं बनी थी। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों के लिए लागू किए गए नए PLI नियम का भी यूनियनें विरोध कर रही हैं। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि यह व्यवस्था कर्मचारियों के बीच भेदभाव पैदा करती है। वहीं, सरकार की ओर से इसे प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन व्यवस्था के तौर पर देखा जा रहा है।

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