नई दिल्ली, 13 जुलाई। दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान खुफिया ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी करार दिया है। अदालत ने इस मामले में ताहिर हुसैन के साथ चार अन्य आरोपितों (अनस, कासिम, नाजिम और जावेद) को भी हत्या (आईपीसी की धारा 302) और दंगा भड़काने समेत कई गंभीर धाराओं के तहत दोषी करार दिया है। फैसला सुनकर ताहिर हुसैन अदालत में ही रो पड़ा।
इन आरोपों में दोषी करार
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत ने ताहिर हुसैन समेत कुल 11 आरोपितों के खिलाफ मामले की सुनवाई की। अदालत ने इन आरोपितों में से पांच को दोषी करार दिया। अदालत ने ताहिर हुसैन को दुश्मनी को बढ़ावा देने, दंगा करने, मारपीट, आपराधिक बल का इस्तेमाल और हत्या के आरोपों में दोषी करार दिया।
फरवरी 2020 में दर्ज हुआ था मुकदमा
यह मामला दयालपुर थाने में दर्ज मुकदमे पर आधारित है। आईबी अधिकारी अंकित शर्मा के पिता रविंद्र कुमार की शिकायत पर यह केस दर्ज किया गया था। पिता रविंदर कुमार की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार, इंटेलिजेंस ब्यूरो में तैनात अंकित शर्मा 25 फरवरी, 2020 को ऑफिस से घर लौटे थे। इसके बाद वह दोबारा घर से बाहर गए थे।
स्थानीय लोगों ने बताई थी, बेटे की हत्या हो गई
शिकायत के अनुसार, जब इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में तैनात अंकित शर्मा काफी देर तक घर नहीं लौटे तो उनके परिवार ने उन्हें खोजना शुरू किया। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने परिजनों को बताया कि उनके बेटे की हत्या कर दी गई है। अंकित शर्मा की लाश चांद बाग पुलिया इलाके में एक मस्जिद के पास खजूरी खास नाले में फेंक गई है। बाद में पुलिस ने खजूरी खास नाले से अंकित शर्मा की लाश को बरामद किया था।
क्या थे आरोप?
शिकायत में आरोप लगाया गया कि ताहिर हुसैन और अन्य लोगों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। आरोप है कि सभी आरोपित हुसैन के कार्यालय में जुटे थे। हत्या के बाद अंकित की लाश को ठिकाने लगाया गया।
अदालत ने मार्च, 2023 में तय किए थे आरोप
अदालत ने 23 मार्च, 2023 को ताहिर हुसैन सहित 11 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए थे। सभी आरोपितों पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंगा, घातक हथियारों से लैस होकर दंगा करना, विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाना, हत्या और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
आम आदमी पार्टी ने ताहिर को कर दिया था सस्पेंड
इस मामले में नाम आने के बाद आम आदमी पार्टी ने ताहिर हुसैन को सस्पेंड कर दिया था। ताहिर हुसैन के साथ 10 अन्य आरोपितों में हसीन उर्फ मुल्लाजी उर्फ सलमान, नाजिम, कासिम, समीर खान, अनस, फिरोज, जावेद, गुलफाम, शोएब आलम उर्फ बॉबी और मुंताजिम उर्फ मूसा शामिल हैं।
दिल्ली दंगों के दौरान हत्या
उल्लेखनीय है कि अंकित शर्मा की हत्या फरवरी, 2020 में नागरिकता (संशोधन) कानून सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के बीच उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के दौरान हुई थी। पत्थरबाजी, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं वाली इन झड़पों में 53 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। ताहिर हुसैन पर उकसाने और सार्वजनिक अशांति फैलाने वाले बयान देने के आरोप भी लगाए गए थे।
