मौसम का डबल अटैक : कहीं मानसून ब्रेक से उमस का कहर, कहीं बाढ़-बादल फटने से तबाही; ITBP के 15 जवान लापता
नई दिल्ली, 14 जुलाई। देश का मौसम इन दिनों दो बिल्कुल अलग और गंभीर तस्वीरें पेश कर रहा है। एक ओर उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत के बड़े हिस्से में मानसून की रफ्तार थम गई है, जिससे लोगों को भीषण उमस और चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, मानसून ट्रफ हिमालय की तलहटी की ओर खिसक गई है। इसके चलते अगले छह से सात दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत के अधिकांश इलाकों में बारिश की गतिविधियां बेहद सीमित रहेंगी। हालांकि, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
अरुणाचल में बादल फटा, ITBP के 15 जवानों से टूटा संपर्क
अरुणाचल प्रदेश के कुरुंग कुमे जिले में सोमवार को बादल फटने के बाद कुमे नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने हालात गंभीर कर दिए। भारत-चीन सीमा (एलएसी) के पास स्थित टापा बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के 15 जवानों से संपर्क टूट गया है। सुरक्षा एजेंसियां और बचाव दल जवानों का पता लगाने और उनसे दोबारा संपर्क स्थापित करने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चला रहे हैं।
पूर्वोत्तर में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बिगड़े
लगातार हो रही बारिश के कारण असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, बिहार और सिक्किम में कई स्थानों पर बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। असम के टियोक क्षेत्र में पुथी नदी का तटबंध टूटने से दर्जनों गांव जलमग्न हो गए हैं। सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि पानी में डूब गई है और कई सड़कें बह जाने से कई इलाकों का संपर्क कट गया है।
उत्तर भारत में उमस से बढ़ी परेशानी
मानसून की कमजोर गतिविधियों के कारण दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में बारिश लगभग थम गई है। नमी अधिक होने और हवाओं के सूखे रहने से लोगों को अगले कई दिनों तक तेज उमस का सामना करना पड़ सकता है।
35°C तापमान, लेकिन महसूस होगी 45°C जैसी गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार, कई शहरों में वास्तविक तापमान 32 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, लेकिन हवा में नमी अधिक होने के कारण ‘फील लाइक’ तापमान (हीट इंडेक्स) 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक महसूस हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, जब वातावरण में आर्द्रता बहुत ज्यादा होती है तो शरीर से निकलने वाला पसीना जल्दी नहीं सूखता। इससे शरीर की प्राकृतिक शीतलन प्रक्रिया प्रभावित होती है और वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस होती है।
IMD की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूप और अत्यधिक उमस के दौरान अनावश्यक बाहर निकलने से बचने तथा बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।
