नई दिल्ली, 23 अगस्त। खेल मंत्रालय का एक हैरान करने वाला फैसला सामने आया है, जिसके तहत आगामी एशियाई खेलों के लिए चयनित भारतीय टीम से उन प्रतिभावान पांच टेनिस खिलाड़ियों को बाहर कर दिया है, जो इस खेल में भविष्य की उम्मीदें हैं।
दरअसल, खेल मंत्रालय एशियाई खेलों में सिर्फ उन्हीं खिलाड़ियों को भेजना चाहता है, जो एशिया में शीर्ष आठ में शामिल हैं। लेकिन मंत्रालय के इस कदम से टेनिस प्रशंसक न सिर्फ हैरान हैं वरन निराश भी हैं।
इन खिलाड़ियों को किया गया बाहर
एशियाई खेलों की टीम से बाहर किए गए युवा टेनिस खिलाड़ियों में सहजा यमलपल्ली, वैष्णवी अडकर, मानस धामने, प्रार्थना थोम्बारे व वैदेही चौधरी शामिल हैं।
बाहर किए गए खिलाड़ियों की उपलब्धि
- सहजा यमलापल्ली : लंबे समय से भारत की नंबर एक खिलाड़ी, अभी WTA रैंकिंग में 344वें स्थान पर हैं। पूरे सत्र में अमेरिका और यूरोप के टूर्नामेंट्स में अच्छा प्रदर्शन किया है।
- वैष्णवी अडकर : W100 बेंगलुरु के फाइनल में पहुंचीं। उसी दौरान मौजूदा विश्व नंबर 79 लनलाना तरारुदी को हराया। तरारुदी को एशियाई खेलों में 5वीं सीड मिलने की संभावना है।
- मानस धामने : विश्व नंबर 372 और दुनियाभर के अंडर-19 खिलाड़ियों में छठे स्थान पर।
- प्रार्थना थोम्बारे : लंबे समय से भारत की युगव नंबर एक खिलाड़ी।
- वैदेही चौधरी : दो बार की राष्ट्रीय चैम्पियन।
देखा जाए तो इनमें से हर खिलाड़ी एशियाई खेलों में भारतीय प्रतिनिधित्व के योग्य है। लेकिन ये सभी उस दौरान अपने घर पर ही रहेंगे। टेनिस समुदाय का मंत्रालय के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए यही पूछना है कि क्या इसी तरह भारतीय टेनिस आगे बढ़ेगी?


