1. Home
  2. हिंदी
  3. चुनाव
  4. दिल्ली नगर निगम में पहली बार ट्रांसजेंडर सदस्य, ‘आप’ उम्मीदवार बॉबी ने रचा इतिहास
दिल्ली नगर निगम में पहली बार ट्रांसजेंडर सदस्य, ‘आप’ उम्मीदवार बॉबी ने रचा इतिहास

दिल्ली नगर निगम में पहली बार ट्रांसजेंडर सदस्य, ‘आप’ उम्मीदवार बॉबी ने रचा इतिहास

0

नई दिल्ली, 7 दिसम्बर। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में पहली बार अब ट्रांसजेंडर समुदाय का कोई सदस्य नजर आएगा। दरअसल, आम आदमी पार्टी (आप) की ट्रांसजेंडर उम्मीदवार बॉबी ने जीत हासिल कर इतिहास रच दिया है। ‘आप’ ने बॉबी को सुल्तानपुरी 43 ए से उम्मीदवार बनाया था। बॉबी टिकट मिलने के बाद से ही चर्चा में थीं। वह दिल्ली में पहली ऐसी उम्मीदवार थीं, जिन्हें किसी पार्टी ने चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया।

सामाजिक कार्यों से छाप छोड़ने वाली बॉबी सर्वे में सबसे ऊपर पाई गई थीं

‘आप’ के अनुसार वार्ड में सामाजिक कार्यों से छाप छोड़ने वाली बॉबी सर्वे में सबसे ऊपर पाई गई थीं और उन्हें नगर निगम चुनाव का प्रत्याशी घोषित किया गया था। बॉबी ने इससे पहले वर्ष 2017 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नगर निगम का चुनाव लड़ा था। 38 साल की बॉबी ‘हिंदू युवा समाज एकता अवाम एंटी टेररिज्म कमेटी’ की दिल्ली इकाई की अध्यक्ष भी हैं। बॉबी पिछले 15 साल से इस संगठन से जुड़ी हुई हैं।

अन्ना आंदोलन का हिस्सा रही हैं बॉबी

सुल्तानपुरी इलाके में जन्मी बॉबी का पिछले दिनों एक इंटरव्यू में बताया था कि लैंगिंक पहचान को लेकर उन्हें कई बार भेदभाव और मुश्किलों का सामना करना पड़ा। करीब 14-15 साल की उम्र में बॉबी को ट्रांसजेंडर कम्युनिटी ने अपने साथ रख लिया और फिर वो शादियों में डांस करने के काम करने लगीं। इसके बाद वह सामाजिक कार्यों से जुड़ीं और फिर उनका राजनीति का सफर भी शुरू हुआ। बॉबी ने एक अन्य इंटरव्यू में बताया था कि वह अन्ना आंदोलन का भी हिस्सा थीं और उस समय से दिल्ली के मुख्यमंत्री और ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को जानती हैं।

एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी को पूर्ण बहुमत

इस बीच एमसीडी के पूरे नतीजे आने के पहले ही आम आदमी पार्टी के कार्यालय में जश्न शुरू हो चुका था। लाउडस्पीकर से देशभक्ति गीत बज रहे हैं और समूचा परिसर रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया है। आम आदमी पार्टी ने 250 वार्डों वाले एमसीडी चुनाव के बुधवार को आए नतीजों में बहुमत का आंकड़ा (126) पार करते हुए 134 सीटें जीतीं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 15 वर्षों का शासन समाप्त कर दिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 104 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। कांग्रेस ने नौ और अन्य ने तीन सीटों पर जीत हासिल की।

 

LEAVE YOUR COMMENT

Your email address will not be published.