नई दिल्ली, 26 अगस्त। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले ‘जेनरेशन जी’ और ‘जेन अल्फा’ तक पहुंच बनाने के लिए नए सिरे से अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को जागरूक मतदाता बनाने के साथ भविष्य में चुनावी प्रक्रिया के बारे में लोगों को शिक्षित करने वाले अभियानों का नेतृत्व करने के लिए सक्षम बनाना है। आयोग देशभर की 4,123 विधानसभा सीटों में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों तथा कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्रों को अभियान से जोड़ेगा।
18 से 26 वर्ष के 14.78 करोड़ लोग
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के अनुसार, देश में 18 से 26 वर्ष आयु वर्ग के कुल 14.78 करोड़ लोग हैं। इनमें 7.98 करोड़ पुरुष, 6.79 करोड़ महिलाएं और करीब 9,000 तृतीय लिंग के लोग शामिल हैं। आयोग का लक्ष्य इस आयु वर्ग के युवाओं को चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है।

50 हजार निर्वाचन साक्षरता क्लब बनाने की योजना
अधिकारियों के अनुसार आयोग प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 10 के हिसाब से कुल 50,000 निर्वाचन साक्षरता क्लब (ELC) स्थापित करने की योजना बना रहा है। इन क्लबों के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा तथा उन्हें भविष्य में मतदाता जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार किया जाएगा।
15 लाख स्कूलों तक पहुंचेगा अभियान
अभियान के तहत करीब 15 लाख स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों से संपर्क किया जाएगा। इसके अलावा 70,000 कॉलेजों और 1,400 विश्वविद्यालयों तक भी पहुंच बनाई जाएगी। आयोग का प्रयास स्कूल और उच्च शिक्षा संस्थानों को चुनावी साक्षरता के प्रभावी केंद्रों के रूप में विकसित करना है।
A sneak peek into the ELC & ECINet Conference at Indira Gandhi Pratishthan, Lucknow. ✨
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— Election Commission of India (@ECISVEEP) August 26, 2026
2018 में शुरू हुए थे निर्वाचन साक्षरता क्लब
व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं चुनावी भागीदारी (SVEEP) कार्यक्रम के तहत वर्ष 2018 में निर्वाचन साक्षरता क्लबों की स्थापना की गई थी। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक मूल्यों, चुनावी प्रक्रिया तथा निर्वाचन आयोग की भूमिका और कार्यप्रणाली से परिचित कराना है।
ELC 2.0 में डिजिटल बदलाव पर जोर
तेजी से बदलते संचार तंत्र और डिजिटल मंचों पर बढ़ती निर्भरता को देखते हुए आयोग ने निर्वाचन साक्षरता क्लबों को नए स्वरूप में तैयार किया है। ELC 2.0 के तहत इन क्लबों को डिजिटल रूप से सक्षम और लगातार सक्रिय रहने वाले मंच के रूप में विकसित किया जाएगा।
युवाओं से निरंतर संवाद पर फोकस
आयोग का मानना है कि युवा मतदाताओं और जमीनी स्तर के हितधारकों के साथ निरंतर, व्यवस्थित और प्रत्यक्ष संवाद की जरूरत बढ़ी है। नए अभियान के जरिए युवाओं को केवल मतदाता के तौर पर जागरूक करने के बजाय उन्हें चुनावी साक्षरता और लोकतांत्रिक भागीदारी के अभियानों में नेतृत्वकारी भूमिका के लिए तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।


