यूएस ओपन टेनिस : विश्व नंबर एक रैंकिंग के साथ रिबाकिना बनीं फ्लशिंग मेडोज की नई मलिका, सबालेंका खिताबी हैट्रिक से वंचित

न्यूयॉर्क, 13 सितम्बर। WTA रैंकिंग की विश्व नंबर एक पोजीशन पर दो दिन पहले सेमीफाइनल में प्रवेश के साथ ही अपना नाम दर्ज करा चुकीं कजाखस्तान की स्टार खिलाड़ी एलेना रिबाकिना शनिवार की रात फ्लशिंग मेडोज की नई मलिका भी बन बैठीं, जब उन्होंने तीन सेटों तक खिंचे महिला एकल फाइनल में 6-4, 5-7, 6-2 से शानदार जीत हासिल की और मौजूदा विश्व नंबर एक व पिछली दो बार की चैम्पियन बेलारूसवासी एरिना सबालेंका को खिताबी हैट्रिक से वंचित कर दिया।

सेरेना का रिकॉर्ड नहीं दोहरा सकीं सबालेंका, तीन सेटों में परास्त

वरीयता क्रम की शीर्ष दो खिलाड़ियों के बीच आर्थर ऐश स्टेडियम में दो घंटे 21 मिनट तक खिंचा यह मुकाबला टॉप सीड 28 वर्षीय सबालेंका के लिए वाकई आघात पहुंचाने वाला था, जो दिग्गज अमेरिकी सेरेना विलियम्स (2012 से 2014) के बाद यहां खिताबी हैट्रिक जमाने वालीं पहली महिला खिलाड़ी बनने की उम्मीद से लगातार चौथा फाइनल खेलने उतरी थीं।

रिबाकिना के नाम करिअर का तीसरा मेजर खिताब

वहीं करिअर का तीसरा मेजर खिताब जीतने वालीं दूसरी सीड 27 वर्षीय रिबाकिना के लिए ग्रैंड स्लैम सत्र का शानदार समापन था, जिन्होंने इसी वर्ष ऑस्ट्रेलियाई ओपन फाइनल में भी सबालेंका को मायूस कर 2023 के फाइनल में इसी खिलाड़ी से मिली हार का हिसाब चुकाया था। रूस में जन्मीं लेकिन कजाखस्तान का प्रतिनिधित्व करने वालीं रिबाकिना ने अपना पहला मेजर खिताब 2022 में विंबलडन की घसियाली सतह पर जीता था और अब उन्हें करिअर ग्रैंड स्लैम पूरा करने के लिए सिर्फ फ्रेंच ओपन जीतने की जरूरत है।

अमेरिकी ओपन में सबालेंका का लगातार 19 मैचों से जारी जीत का क्रम भी टूटा

दिलचस्प यह है कि रिबाकिना ने अमेरिकी ओपन में सबालेंका का 19 मैचों से चला आ रहा जीत का सिलसिला भी तोड़ दिया, जो यहां 2023 के फाइनल में कोको गॉफ से पराजित होने के बाद से नहीं हारी थीं। हालांकि WTA टूर में दोनों खिलाड़ियों की अब तक हुई 18 मुलाकातों में सबालेंका 10-8 से आगे हैं।

सोमवार को WTA रैंकिंग में सबालेंका का 99 हफ्तों से जारी राज खत्म होगा

अमेरिकी ओपन में 2000 के बाद यह तीसरा अवसर था, जब पहले और दूसरे नंबर की खिलाड़ी फाइनल खेल रही थी। लेकिन यह पहला अवसर था, जब दूसरे नंबर की खिलाड़ी ने जीत हासिल की। ​​अन्य दो मुकाबलों में सर्वोच्च रैंक सेरेना ने 2002 में अपनी बड़ी बहन वीनस और 2013 में विक्टोरिया अजारेंका को हराया था। हालांकि इस बार आंकड़ों का कोई खास महत्व नहीं था क्योंकि सोमवार को स्थिति पलट जाएगी और शीर्ष क्रम पर सबालेंका का लगातार 99 सप्ताह से चला आ रहा राज खत्म हो जाएगा।

मैच की बात करें तो रिबाकिना ने अपनी तीखी सर्विस के अलावा दमदार रिटर्न से सबालेंका पर लगातार दबाव बनाए रखा। उन्हें ब्रेक प्वॉइंट हासिल करने के 12 मौके मिले और उनमें से तीन को भुनाया, जो जीत हासिल करने के लिए पर्याप्त थे। तीसरे सेट के पहले गेम में ब्रेक प्वॉइंट पर बैकहैंड शॉट बाहर जाने के बाद रिबाकिना ने थोड़ी निराशा जरूर दिखाई, लेकिन जल्द ही उन्होंने मैच पर पूरी तरह से नियंत्रण कर लिया। इसके बाद उन्होंने सबालेंका को कोई मौका नहीं दिया।

रिबाकिना के नाम ग्रैंड स्लैम इतिहास की सबसे बड़ी पुरस्कार राशि

इस जीत से रिबाकिना ने 55 लाख डॉलर की कमाई की, जो ग्रैंड स्लैम इतिहास का सबसे बड़ा पुरस्कार है। वहीं सबालेंका को उपजेता ट्रॉफी के साथ 28 लाख डॉलर मिले, लेकिन यह स्पष्ट था कि यह रकम उनके लिए खास मायने नहीं रखती। वह हार से बेहद निराश थीं और उन्होंने मैच की समाप्ति पर नेट पर रिबाकिना से गले मिलने के बाद अपना रैकेट तोड़ दिया।

रिबाकिना बोलीं – ‘जो कुछ हुआ, उसे समझना अब भी बहुत मुश्किल है’

अपने जमाने की रूसी स्टार मारिया शारापोवा के हाथों ट्रॉफी ग्रहण करने के बाद रिबाकिना ने कहा, ‘जो कुछ हुआ, उसे समझना अब भी बहुत मुश्किल है। सच कहूं तो मुझे इस टूर्नामेंट से ऐसी किसी चीज़ की उम्मीद नहीं थी। पिछले कुछ सप्ताह में मैंने बहुत सारी उपलब्धियां हासिल कीं।’

करिअर की 14वीं उपाधि जीतने वालीं रिबाकिना ने कहा, ‘मुझे थोड़ी चोट की समस्या थी, लेकिन किसी तरह सब कुछ मेरे पक्ष में रहा… मैं पिछले 10 वर्षों से यहां आ रही हूं और कभी सफल नहीं हो पाई। ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था, और यह वाकई कमाल का है। मुझे न्यूयॉर्क से और ज्यादा प्यार हो रहा है।’

सबालेंका ने रिबाकिना की तीखी सर्विस की सराहना की

वहीं सबालेंका ने मैच के बाद रिबाकिना की तीखी सर्विस की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘उसकी सर्विस कमाल की है। वह कोर्ट पर आकर आपको पीछे छोड़ देती है। विशेषकर तब जबकि वह अमेरिकी ओपन का कोर्ट हो, जहां गेंद बहुत तेज से आती हैं। यह उसके लिए निश्चित रूप से एक बड़ा फायदा है। कई चीजें उसे खतरनाक बनाती हैं।’

अपने प्रदर्शन से निराश सबालेंका ने रैकेट भी तोड़ दिया

हालांकि मैच के दौरान सबालेंका ने महत्वपूर्ण मौके गंवाने के बाद कोर्ट पर ही अपना गुस्सा उतारा। उन्होंने गुस्से में गेंद को दर्शकों की तरफ मारा, जिसके लिए उन्हें चेतावनी भी दी गई। उन्होंने खुद पर चिल्लाते हुए अपना पहला रैकेट जमीन पर पटका और फिर मैच खत्म होने के बाद दूसरे रैकेट को पूरी तरह से तोड़ दिया।

अब तक नौ मेजर फाइनल में चार खिताब जीत चुकीं सबालेंका ने कहा, ‘मैं अपना सारा गुस्सा और निराशा कोर्ट पर ही निकालना चाहती थी। ग्रैंड स्लैम के फाइनल में हारने पर और लगातार तीसरी बार खिताब जीतने से नाकाम रहने पर अपनी भावनाओं पर काबू रखना बहुत मुश्किल होता है। काश, मैं थोड़ा बेहतर प्रदर्शन कर पाती। लेकिन मुझे लगता है कि अगले वर्ष ऐसा हो जाएगा। मैं अपने खेल के स्तर से बिल्कुल भी खुश नहीं हूं।’

पुरुष एकल में आज रात होगी नए चैम्पियन की ताजपोशी

इस बीच वर्ष की अंतिम ग्रैंड स्लैम स्पर्धा के अंतिम दिन रविवार की शाम (भारतीय समयानुसार मध्यरात्रि के बाद) पुरुष एकल में नए चैम्पियन की ताजपोशी होगी, जब मौजूदा विश्व नंबर दो जर्मन स्टार एक एलेक्जेंडर ज्वेरेव और स्थानीय दर्शकों के चहेते अमेरिकी बेन शेल्टन खिताब के लिए टकराएंगे।

एलेक्जेंडर ज्वेरेव व बेन शेल्टन के बीच खिताबी मुकाबला

इसी वर्ष रोलां गैरों की लाल बजरी की सतह पर करिअर का पहला मेजर खिताब (फ्रेंच ओपन) जीतने वाले 29 वर्षीय ज्वेरेव का यह लगातार तीसरा व कुल छठा मेजर फाइनल होगा। यहां वर्ष 2020 के फाइनल में वह डोमिनिक थिएम से हार गए थे।

पुरुष एकल में अमेरिका को 23 वर्षों से घरेलू चैम्पियन का इंतजार

उधर विश्व रैंकिंग में नौवें नंबर पर काबिज 23 वर्षीय शेल्टन के करिअर का यह पहला मेजर फाइनल होगा। देखा जाए तो 1972 (आर्थर ऐश) के बाद से घरेलू ग्रैंड स्लैम स्पर्धा में फाइनल तक पहुंचे पहले अश्वेत अमेरिकी पुरुष खिलाड़ी शेल्टन करिअर का पहला मेजर खिताब जीतने के साथ घरेलू दर्शकों की 23 वर्षों से चली आ रही साध भी पूरी कर सकते हैं। दरअसल, एंडी रॉडिक (2003) के बाद कोई अमेरिकी खिलाड़ी यहां पुरुष एकल खिताब नहीं जीत सका है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular