वर्ष 2024 में इसरो के आखिरी मिशन पर बोले डॉ. जितेंद्र सिंह – स्पैडेक्स पूरी तरह से स्वदेशी मिशन

नई दिल्ली, 31 दिसम्बर। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की ओर से वर्ष 2024 के आखिरी मिशन की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग को लेकर कहा कि स्पैडेक्स मिशन का नाम भारतीय डॉकिंग टेक्नोलॉजी रखा गया है क्योंकि यह पूरी तरह से स्वदेशी मिशन है और भारत डॉकिंग तकनीक से संबंधित इस तरह का पहला प्रयोग कर रहा है।

डॉकिंग तकनीक से संबंधित इस तरह का पहला प्रयोग कर रहा भारत

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि स्पैडेक्स मिशन पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के साथ बहुत मेल खाता है। उन्होंने कहा कि जहां तक डॉकिंग तकनीक का सवाल है, स्पैडेक्स मिशन की लॉन्चिंग भारत द्वारा किए गए पहले प्रयोगों में से एक है। यह पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक है और इसलिए इसे भारतीय डॉकिंग तकनीक नाम दिया गया है।

भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए उल्लेखनीय रहा वर्ष 2024

वर्ष 2024 के समापन के अवसर पर डॉ. सिंह ने कहा कि वर्ष 2024 भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक उल्लेखनीय यात्रा रही है। भारत के पहले सौर मिशन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आदित्य मिशन भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक बहुत ही महत्वाकांक्षी मिशन है, जो लॉन्च होने के तीन महीने बाद ही जनवरी 2024 में एल1 बिंदु पर पहुंच गया। इसके अतिरिक्त भारत ने केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले तीन महीनों के भीतर अपना पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया।

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