नई दिल्ली, 20 अगस्त। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार को ‘दिल्ली मास्टर प्लान 2047’ (MPD-2047) जारी किया। इस प्लान में लगभग 40 लाख नए घर बनाने, दिल्ली के मेट्रो नेटवर्क को 695 किलोमीटर तक बढ़ाने और लगभग 383 किलोमीटर का RRTS नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव है।
मनोहर लाल खट्टर ने इसे दिल्ली के लिए एक ‘ऐतिहासिक दिन’ करार देते हुए कहा कि यह प्लान ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप है। इसका मकसद दिल्ली को एक वर्ल्ड-क्लास शहर बनाना और साथ ही इसके विकास को ज्यादा टिकाऊ बनाना है। फिलहाल, अभी दिल्ली की आबादी करीब 2.4 करोड़ है। यहां पर करीब 520 वर्ग किलोमीटर कृषि भूमि और 180 वर्ग किलोमीटर रिज व वन क्षेत्र भी हैं। मनोहर लाल ने कहा कि दिल्ली के विकास के साथ इन प्राकृतिक इलाकों को बचाना भी बेहद जरूरी है।
2047 तक बनेंगे करीब 40 लाख नए घर
MPD-2047 में दिल्ली में करीब 40 लाख नए घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें किफायती घरों (Affordable Housing) पर खास फोकस रहेगा। आबादी बढ़ने और परिवारों के आकार में बदलाव को देखते हुए अनुमान है कि 2047 तक दिल्ली को करीब 40 लाख अतिरिक्त घरों की जरूरत होगी।
इस प्लान में दिल्ली के मौजूदा इलाकों को फिर से विकसित (री-डेवलप) करने और ज्यादा घनी आबादी वाले विकास की अनुमति देने का प्रस्ताव है। इससे ज्यादा लोगों के लिए घर उपलब्ध हो सकेंगे और शहर की बुनियादी सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।
‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ के सिद्धांत पर कार्य होगा
‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ के सिद्धांत के तहत झुग्गी बस्तियों और JJ क्लस्टर्स को उसी इलाके में दोबारा बसाया जाएगा। वहीं, अनधिकृत कॉलोनियों के विकास, नियमितीकरण और पुनर्विकास के लिए भी एक अलग व्यवस्था तैयार की जाएगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि रिहायशी इलाकों में 30 मीटर चौड़ी सड़कों के किनारे बनी इमारतों की ग्राउंड फ्लोर पर कमर्शियल गतिविधियों की इजाजत होगी।
695 किमी तक फैलेगा दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क
वहीं दिल्ली मेट्रो की बात करें तो फिलहाल यहह नेटवर्क करीब 416 किलोमीटर लंबा है। MPD-2047 के तहत इसमें 279 किलोमीटर का और विस्तार करने की योजना है। इसके बाद दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क बढ़कर करीब 695 किलोमीटर हो जाएगा।
इस प्लान में दिल्ली को गाजियाबाद, मेरठ, पानीपत, करनाल और अलवर से जोड़ने वाले लगभग 383 किलोमीटर लंबे RRTS नेटवर्क का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा, दिल्ली के आनंद विहार में मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब भी बनाए जाएंगे, जो ट्रांसपोर्ट के अलग-अलग साधनों को एक ही जगह पर जोड़ेंगे।
कुल मिलाकर, मास्टर प्लान में बताया गया है कि दिल्ली 2047 तक अपनी हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों को कैसे पूरा करेगी, साथ ही शहर की खेती की जमीन, रिज और जंगल वाले इलाकों को भी बचाकर रखेगी।


