बांग्लादेश : मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर देश के 23वें राष्ट्रपति निर्वाचित, 35 वर्षों में पहली बार हुआ चुनाव

ढाका, 20 अगस्त। बांग्लादेश में सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के उम्मीदवार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर गुरुवार को देश के नये राष्ट्रपति निर्वाचित घोषित किए गए। दिलचस्प यह है कि देश में इस पद के लिए 35 वर्षों में पहली बार मुकाबला हुआ।

आलमगीर ने विपक्षी गठबंधन उम्मीदवार ओली अहमद को शिकस्त दी

मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं निर्वाचन अधिकारी ए.एम.एम. नासिरुद्दीन ने परिणाम की घोषणा करते हुए कहा कि बीएनपी के वरिष्ठ नेता 78 वर्षीय आलमगीर ने अपने प्रतिद्वंद्वी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के अध्यक्ष एवं जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-दलीय विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार कर्नल (सेवानिवृत्त) ओली अहमद को हरा दिया। आलमगीर को 255 मत मिले जबकि 84 वर्षीय ओली अहमद को 88 मत प्राप्त हुए।

बंगभवन के दरबार हॉल में शुक्रवार शाम शपथ लेंगे नवनिर्वाचित राष्ट्रपति

निर्वाचन अधिकारी ए.एम.एम. नासिरुद्दीन ने बताया कि कुल 349 पंजीकृत मतदाताओं में से 343 ने मतदान किया जबकि छह सांसदों ने मतदान नहीं किया। देश के 23वें राष्ट्रपति शुक्रवार शाम बंगभवन के दरबार हॉल में बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे।

1991 के बाद बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद के लिए पहली बार मतदान हुआ

वस्तुतः 1991 के बाद बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद के लिए ऐसा पहला चुनाव है, जिसमें मुकाबला हुआ है। इस पद के लिए पिछले कुछ दशकों में आमतौर पर सर्वसम्मति या निर्विरोध चयन होता रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के करीबी सहयोगी मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने से पहले पिछले महीने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था।

पूर्व राष्ट्रपति मो. शहाबुद्दीन ने गत माह स्वास्थ्य कारणों से दिया था इस्तीफा

इसके बाद निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की और मतदान की तारीख 20 अगस्त तय की थी। देश के संविधान के तहत राष्ट्रपति पद रिक्त होने के 90 दिनों के भीतर नए राष्ट्रपति का चुनाव किया जाना आवश्यक है। राष्ट्रपति पद रिक्त होने के बाद संवैधानिक प्रावधानों के तहत संसद के अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद फिलहाल कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। बांग्लादेश की संवैधानिक व्यवस्था के तहत राष्ट्रपति का चुनाव सांसद करते हैं।

प्रधानमंत्री एवं बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने पार्टी के लंबे समय तक महासचिव रहे और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के करीबी सहयोगी आलमगीर को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया था। चूंकि सत्तारूढ़ बीएनपी के पास इस समय संसद में दो-तिहाई बहुमत है, जिससे आलमगीर की जीत पहले से ही पक्की मानी जा रही थी।

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