काठमांडू, 28 अगस्त। नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार (26 अगस्त) सुबह आए फ्लैश फ्लड से नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ को लेकर राहत बचाव अभियान शुक्रवार को भी युद्धस्तर पर जारी है। हालांकि आपदा प्रभावित इलाकों में स्थित अब भी भयावह बनी हुई है। इस प्राकृतिक विपदा से अंतिम समाचार मिलने तक मरने वालों की संख्या 558 तक जा पहुंची है और 1400 लोग अब भी लापता हैं।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) की शाम को जारी ताजा स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया कि ये आंकड़े जिला प्रशासन कार्यालय और जिला व राष्ट्रीय आपातकालीन संचालन केंद्रों से मिली जानकारी के आधार पर तैयार किए गए हैं। इसमें रसुवा में भोटेकोशी बाढ़ से पैदा हुई आपातकालीन स्थिति और बड़े पैमाने पर चलाए गए खोज और बचाव अभियानों की जानकारी शामिल है।

लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक और विदेश में रहने वाले 127 नेपाली शामिल
लापता बताए गए लोगों में नेपाल पुलिस के जवान, नेपाली सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स नेपाल के जवान, कस्टम्स ऑफिस के कर्मचारी और इमिग्रेशन ऑफिस के चार कर्मचारी शामिल हैं। लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक और विदेश में रहने वाले 127 नेपाली नागरिक शामिल हैं, जो घूमने के लिए नेपाल आए थे। रिपोर्ट में 73 लोगों के घायल होने की भी जानकारी दी गई है। बचाव अभियान में 15 हेलीकॉप्टर शामिल हैं, जिनमें छह नेपाल सेना के और नौ निजी क्षेत्र के हैं।
भोटेकोशी नदी क्षेत्र में जलस्तर फिर बढ़ने से बाढ़ की दूसरी लहर का अलर्ट जारी
इस बीच भोटेकोशी नदी क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने के कारण अधिकारियों द्वारा शुक्रवार को जारी नई चेतावनी के साथ ही इस हिमालयी देश में भीषण बाढ़ की दूसरी लहर का खतरा मंडराने लगा है। एनडीआरआरएमए ने कहा कि उसी स्थान पर जलस्तर बढ़ने से इलाके में एक बार फिर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। यह चेतावनी रसुवा और मध्य नेपाल के अन्य हिस्सों में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद जारी की गई है। इस बाढ़ में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई और बस्तियों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

एनडीआरआरएमए ने लोगों से सतर्कता बरतने की सलाह दी
प्राधिकरण ने एक नई नोटिस में कहा, ‘जिस जगह पर अचानक बाढ़ आई थी, वहां कीचड़-युक्त पानी का स्तर बढ़ गया है और इलाके में फिर से बाढ़ आने का खतरा मंडरा रहा है।’ एनडीआरआरएमए ने तलाश एवं बचाव अभियान में शामिल लोगों और अलग-अलग वजहों से भोटेकोशी एवं त्रिशूली इलाकों में रह रहे लोगों से कहा है कि वे बहुत सतर्क रहें और किसी भी तरह का खतरा महसूस होने पर तुरंत सुरक्षित जगहों पर चले जाएं।
तिब्बत की तरफ फिर बांध टूटने की जानकारी से नेपाल सरकार का इनकार
इससे पहले, तिब्बत की तरफ एक बांध के फिर से टूटने की खबर मिलने के बाद नेपाल पुलिस ने भी अलर्ट जारी किया। नेपाल पुलिस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘ऐसी सूचना है कि तिब्बत की ओर एक बांध फिर से टूट गया है।’ हालांकि, नेपाल सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी बांध के टूटने की कोई जानकारी नहीं है।

ग्लेशियर फटे हैं, लिहाजा कई जगहों पर मिट्टी-युक्त पानी उमड़कर बह रहा
‘ऑनलाइनखबर’ वेबसाइट के अनुसार, सरकारी प्रवक्ता एवं शिक्षा मंत्री सस्मिता पोखरेल ने शुक्रवार को कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहीं भी बांध टूटने की किसी भी जानकारी से इनकार किया। उन्होंने कहा, ‘किसी बांध के टूटने की कोई सूचना नहीं है। चूंकि ग्लेशियर फटे हैं, इसलिए कई जगहों पर मिट्टी-युक्त पानी उमड़कर बह रहा है। हालांकि तत्काल कोई बड़ा जोखिम नहीं देखा गया है, लेकिन सतर्कता जरूरी है।’ उन्होंने कहा कि सरकार विदेश मंत्रालय के माध्यम से चीन की सरकार के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए है और उसे सूचित किया गया है कि कोई बड़ा जोखिम नहीं है।
चीनी अधिकारियों ने भी कहा – ऊपरी हिस्से में बनी झील स्थिर है
वहीं ‘द राइजिंग नेपाल’ दैनिक समाचार-पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी अधिकारियों ने भी कहा है कि नेपाल के रसुवा जिले के भोटेकोशी नदी क्षेत्र में पानी का बहाव बढ़ गया है, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ऊपरी हिस्से में बनी झील स्थिर है और वह टूटी नहीं है।
रिपोर्ट में नेपाल के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि चीनी पक्ष ने कहा है कि ऊपरी इलाकों में जलप्रवाह में वृद्धि हिमस्खलन के कारण हुई थी, लेकिन नदी का रास्ता रुकने के बाद बनी झील का तटबंध टूटा नहीं है।
बड़े पैमाने पर बाढ़ का कोई तत्काल जोखिम नहीं : चीन
रिपोर्ट के अनुसार, चीनी पक्ष ने कहा कि झील का आकार बढ़ रहा है और पानी लगातार ‘ओवरफ्लो’ हो रहा है, लेकिन झील में कोई बड़ी हलचल नहीं आई है। इसमें कहा गया है कि बड़े पैमाने पर बाढ़ का कोई तत्काल जोखिम नहीं है और स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।


