केरल : कांग्रेस की अगुआई में UDF को मिला प्रचंड जनादेश, LDF से छिनी सत्ता, भाजपा ने भी जीतीं 3 सीटें
तिरुवनंतपुरम, 4 मई। तटीय राज्य केरल में कांग्रेस के अगुआई वाले गठबंधन संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) ने प्रचंड बहुमत का जनादेश हासिल किया है जबकि सीएम पिनाराई विजय की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) को सत्ता विरोधी लहर का शिकार होना पड़ा। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी राज्य में अपना खाता खोला और तीन सीटें जीत लीं।
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राज्य विधानसभा की सभी 140 सीटों पर सोमवार को हुई मतगणना में चुनाव आयोग से उपलब्ध नवीनतम आकड़ों के अनुसार यूडीएफ ने 100 से ज्यादा सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इनमें अकेले कांग्रेस ने ही 63 सीटें जीत लीं जबकि गठबंधन में शामिल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के खाते में 22 सीटें गईं। वहीं एलडीएफ 35 सीटों पर सिमट कर रह गया।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन धर्मदम सीट जीतने में सफल रहे
फिलहाल एलडीएफ की करारी हार के बावजूद सीएम पिनाराई विजयन धर्मदम सीट से जीतने में सफल रहे। उन्होंने शुरुआती मतगणना में पिछड़ने के बाद कांग्रेस के वीबी अब्दुल रशीद को 19,247 वोटों से हराया।
केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर विजयी
उधर केरल भाजपा के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने नेमोम सीट पर पांच वर्षों के अंतराल बाद फिर पार्टी को कब्जा दिला दिया है। उन्होंने सीपीआई (एम) के वीसिवनकुटी को 4,978 मतों से हराया। 2016 में इस सीट पर भाजपा के राजगोपाल पहली बार जीते थे।
भाजपा का चर्चित चेहरा श्रीलेखा परास्त
लेकिन केरल चुनाव में भाजपा का चर्चित चेहरा और पूर्व डीजीपी आर श्रीलेखा तिरुवनंतपुरम की वट्टियोरकावु सीट से नहीं जीत पाईं। उन्हें 37,213 वोट मिले। वह तीसरे स्थान पर रहीं। इस सीट पर कांग्रेस के नेता के. मुरलीधरन ने जीत हासिल की।
