राज्यसभा चुनाव : मध्य प्रदेश से कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद, जानकारी छिपाने का आरोप
भोपाल, 9 जून। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा, जब मध्य प्रदेश से पार्टी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद कर दिया गया। नामांकन के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार पर जानकारी छुपाने का आरोप लगाते हुए सत्तारूढ़ भाजपा की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई थी।
इसी कड़ी में नामांकन पत्र जांच (स्क्रूटनी) के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने नटराजन का नामांकन रद कर दिया। इसके बाद राज्य की तीसरी सीट पर मुकाबला समाप्त होता नजर आ रहा है और भाजपा उम्मीदवार महेश केवट का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है।
नामांकन पर आपत्ति से शुरू हुआ था विवाद
भाजपा नेताओं में कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह और एडवोकेट संकेत गुप्ता ने आपत्ति दर्ज कराई थी कि मीनाक्षी ने अपने चुनावी एफिडेविट में हैदराबाद (तेलंगाना) की अदालत में लंबित एक आपराधिक मामले की जानकारी छुपाई है। यह जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और सुप्रीम कोर्ट/चुनाव आयोग की गाइडलाइंस का उल्लंघन है। दरअसल, नटराजन के खिलाफ हैदराबाद कोर्ट में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत शिकायत विचाराधीन है।

मीनाक्षी के खिलाफ पिछले वर्ष हैदराबाद में दर्ज कराई गई थी एक शिकायत
मीनाक्षी नटराजन पर यह मामला 2025 से जुड़ा है, जहां 20 अगस्त, 2025 को ए श्रीलता नाम की एक महिला ने हैदराबाद मेट्रोपॉलिटिन मजिस्ट्रेशन की अदालत में मीनाक्षी और चार अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद मीनाक्षी सहित 4 पर बीएनएस की कई धाराओं 356, 61, 45, 46, 351(2). 3(5) और 79 के तहत शिकायत दर्ज की गई थी। कोर्ट ने 17 सितम्बर, 2025 को मीनाक्षी को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से मौजूद होकर जवाब देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मीनाक्षी के वकील 24 अक्टूबर, 2025 को जवाबी हलफनामा दाखिल किया था, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताया था।
मामले का सुनवाई के दौरान कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने
इस मामले की सुनवाई के दौरान विधानसभा परिसर में दोनों दलों के नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। मंत्री राकेश सिंह ने कहा, कांग्रेस ने महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई है और यह जानकारी छिपाई नहीं जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि आपत्ति पर कांग्रेस ने अपना पक्ष भी रखा है।
कांग्रेस का पलटवार, साजिश का लगाया आरोप
कांग्रेस नेताओं ने पलटवार करते हुए भाजपा के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया और इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया। कांग्रेस का कहना है नटराजन के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं है। उन्हें केवल एक कोर्ट की नोटिस मिली है। चुनाव आयोग के निर्देश साफ हैं, नामांकन में जानकारी तब देनी होती है, जब केस दर्ज हो, नोटिस मिलने पर नहीं। नटराजन के वकील ने भी रिटर्निंग अफसर के सामने यही तर्क रखा था।
मध्य प्रदेश में तीन राज्यसभा सीटों का समीकरण
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए भाजपा दो प्रत्याशियों – रजनीश अग्रवाल और तरुण चुग के नाम घोषित कर चुकी है। वहीं तीसरी सीट पर कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उतारा था जबकि भाजपा ने भी एक और प्रत्याशी महेश केवट को तीसरी सीट के लिए उतार दिया।
हालांकि भाजपा के पास तीसरे उम्मीदवार के जीतने के लिए 10 वोटों की कमी पड़ रही थी जबकि कांग्रेस के पास 4-5 वोट ज्यादा थे। ऐसे में कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर था, जिसके लिए वह विधायकों को कर्नाटक भेज रही थी, लेकिन उससे पहले ही उन्हें वापस आना पड़ा।
