सीएम योगी का युवाओं से आह्वान: खेलों को बनाएं जीवन का हिस्सा, अभिभावकों से बच्चों की प्रतिभा न दबाने की अपील
लखनऊ, 6 जुलाई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम लिखे एक पत्र में खेलों को विकसित उत्तर प्रदेश की नई पहचान बताते हुए युवाओं से खेलों को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने और अभिभावकों से बच्चों की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ, अनुशासित और सशक्त समाज के निर्माण की मजबूत नींव हैं।
मुख्यमंत्री ने हालिया खेल उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि 65वीं राष्ट्रीय अंतरराज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश की पुरुष टीम ने पहली बार 20 पदक जीतकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं, जापान में आयोजित पुरुष अंडर-18 हॉकी एशिया कप का स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम में उत्तर प्रदेश के पांच खिलाड़ियों का योगदान भी प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा, “खेलने वाला ही खिलता है।”
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके खिलाड़ियों से भी है। क्रिकेटर दीप्ति शर्मा, पैरालंपिक ऊंची कूद खिलाड़ी प्रवीण कुमार और भाला फेंक एथलीट अनू रानी जैसे खिलाड़ियों ने प्रदेश का नाम रोशन किया है। दृष्टिबाधित धाविका सिमस्त शर्मा को लखनऊ में प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया गया, जबकि ग्रैंडमास्टर वतिका अग्रवाल शतरंज में देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चैंपियन एक दिन में नहीं बनते और खेल संस्कृति भी रातोंरात विकसित नहीं होती। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार ने खेल नीतियों में बदलाव करते हुए खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, कौशल विकास और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि अब विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं युवाओं के लिए केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचने का अवसर बन रही हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां देकर उनका भविष्य भी सुरक्षित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान, प्रत्येक ब्लॉक में मिनी स्टेडियम और हर जिले में आधुनिक स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तैयार है। इसके अलावा प्रत्येक मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे, जहां खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि वे बच्चों की खेल प्रतिभा को कभी दबाएं नहीं। उनके अनुसार खेल बच्चों और युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। खेल स्वास्थ्य, अनुशासन, सहयोग, सहभागिता, सम्मान, संघर्ष, समर्पण, सकारात्मक सोच, समरसता और सफलता जैसे जीवन मूल्यों का समन्वय है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे खेलों को अपनी दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल न केवल करियर बनाने का अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और हर चुनौती के बाद बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प भी विकसित करते हैं। यही गुण जीवन में सफलता दिलाने के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण की मजबूत आधारशिला बनते हैं।
