लखनऊ, 18 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने नारी शक्ति को प्रदेश की प्रगति का सक्रिय भागीदार बनाते हुए सुरक्षा, सम्मान, पोषण, शिक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के अवसरों का विस्तार किया है।
शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां महागौरी का स्मरण किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया, ‘शांति, पवित्रता और करुणा की प्रतीक मां महागौरी की आराधना हमें स्मरण कराती है कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब हर मां स्वस्थ और सुरक्षित हो, हर बेटी को पोषण व बेहतर भविष्य मिले और प्रत्येक नारी सम्मान के साथ आत्मनिर्भर होकर जीवन यापन कर सके।’
शांति, पवित्रता और करुणा की प्रतीक माँ महागौरी की आराधना हमें स्मरण कराती है कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब हर माँ स्वस्थ और सुरक्षित हो, हर बेटी को पोषण एवं बेहतर भविष्य मिले तथा प्रत्येक नारी सम्मान के साथ आत्मनिर्भर होकर जीवन यापन कर सके।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने नारीशक्ति को प्रदेश की प्रगति का सक्रिय भागीदार बनाते हुए सुरक्षा, सम्मान, पोषण, शिक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के अवसरों का विस्तार किया है।
वर्ष 2017 से पहले जहां प्रदेश में बच्चों के पोषण से जुड़ी व्यवस्था माफिया के शिकंजे में दम तोड़ रही थी, वहीं प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद हमने टेक होम राशन के उत्पादन और वितरण की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सौंपकर व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए नारीशक्ति के आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त किया। इस पहल ने प्रदेश में पोषण सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ ही कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई को अधिक प्रभावी बनाया।
इसी के साथ हमने बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की आधारशिला रखने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्धि कर इसे ₹3,000 से बढ़ाकर ₹12,000 प्रतिमाह किया है। साथ ही, स्वास्थ्य बीमा का लाभ देकर उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को भी संबल प्रदान किया जा रहा है।
आज प्रदेश में बलिनी, सामर्थ्य, काशी, बाबा गोरखनाथ और सृजनी जैसी दुग्ध उत्पादक कंपनियों से जुड़कर 31 जनपदों की 4 लाख से अधिक महिलाएं दुग्ध उत्पादन को आय, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में बीसी सखी पहल ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आज प्रदेश में 1 करोड़ 20 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिख रही हैं। लखपति दीदी पहल के माध्यम से महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर को नियमित आय एवं आर्थिक समृद्धि में बदलकर अपने परिवार की खुशहाली सुनिश्चित कर रही हैं।
माँ महागौरी की कृपा से प्रदेश में आज नारीशक्ति का जीवन सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि से आलोकित हो रहा है।
सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश!
जय माँ महागौरी!
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 18, 2026
सीएम योगी ने लिखा, ‘प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने नारी शक्ति को प्रदेश की प्रगति का सक्रिय भागीदार बनाते हुए सुरक्षा, सम्मान, पोषण, शिक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के अवसरों का विस्तार किया है। वर्ष 2017 से पहले जहां प्रदेश में बच्चों के पोषण से जुड़ी व्यवस्था माफिया के शिकंजे में दम तोड़ रही थी, वहीं प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद हमने टेक होम राशन के उत्पादन और वितरण की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सौंपकर व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए नारी शक्ति के आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त किया। इस पहल ने प्रदेश में पोषण सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ ही कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई को अधिक प्रभावी बनाया।’
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 3,000 से बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिमाह
मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही कहा, ‘हमने बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की आधारशिला रखने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्धि कर इसे 3,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिमाह किया है। साथ ही, स्वास्थ्य बीमा का लाभ देकर उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को भी संबल प्रदान किया जा रहा है।’
4 लाख से अधिक महिलाएं दुग्ध उत्पादन से जुड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहीं
सीएम योगी ने कहा कि आज प्रदेश में बलिनी, सामर्थ्य, काशी, बाबा गोरखनाथ और सृजनी जैसी दुग्ध उत्पादक कम्पनियों से जुड़कर 31 जनपदों की 4 लाख से अधिक महिलाएं दुग्ध उत्पादन को आय, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं।
1.20 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिख रहीं
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में बीसी सखी पहल ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज प्रदेश में एक करोड़ 20 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिख रही हैं। लखपति दीदी पहल के माध्यम से महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर को नियमित आय एवं आर्थिक समृद्धि में बदलकर अपने परिवार की खुशहाली सुनिश्चित कर रही हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, ‘मां महागौरी की कृपा से प्रदेश में आज नारी शक्ति का जीवन सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि से आलोकित हो रहा है। सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश।’


