बंगाल चुनाव : चुनाव आयोग पर बरसीं सीएम ममता बनर्जी, EVM हाईजैक होने की जताई आशंका
कोलकाता, 26 अप्रैल। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव के दूसरे व अंतिम चरण का प्रचार अभियान खत्म होने से ठीक एक दिन पहले भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पर गंभीर आरोप लगाते हुए मतदान बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) हाईजैक होने की आशंका जाहिर की है।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता ने रविवार को कोलकाता के कैमक स्ट्रीट पर बर्धन मार्केट में चुनावी रैली के दौरान EVM से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। उन्होंने गहरी आशंका जताई कि चुनाव खत्म होने के बाद भाजपा EVM पर कब्जा करने के लिए केंद्रीय बलों और बदमाशों का इस्तेमाल कर रही है।

पूरी जानकारी के बावजूद चुनाव आयोग मूक दर्शक की भूमिका निभा रहा
सीएम ममता ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि इन घटनाओं की पूरी जानकारी होने के बावजूद जरूरी काररवाई न करके वह मूक दर्शक की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने राज्य पुलिस प्रशासन और चुनाव आयोग दोनों के व्यवहार की आलोचना की।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को वोटिंग खत्म होने तक पोलिंग बूथ पर चौकन्ना रहने को कहा। उन्होंने वोटरों को आगाह करते हुए कहा, ‘अगर कोई मशीन खराब हो जाए तो उसमें अपना वोट न डालें। हो सकता है कि उन्होंने कोई छिपी हुई चिप लगाई हो। इसके अलावा, वोटिंग शुरू होने से पहले यह पक्का कर लें कि आपका वोट सही तय स्लॉट में रजिस्टर हो रहा है।’

ममता बनर्जी ने बुर्राबाजार मार्केट के सामने भी जनसभा को संबोधित किया। वहां उनके मुख्य निशाने पर भाजपा और चुनाव आयोग थे। EVMs के हाईजैक होने का डर जताते हुए, उन्होंने कहा, ‘मैंने कल दो घटनाओं की खबरें सुनीं : अपराधियों को उन EVM मशीनों पर कब्जा करने के लिए इकट्ठा किया जा रहा है, जिनमें पहले ही वोट रिकॉर्ड हो चुके हैं।’
मास्क पहनकर बिजली काटकर EVM लूटने की कोशिश की जा रही
उन्होंने इस कथित साजिश के लिए सीधे तौर पर चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि EVM रखने के लिए तय जगहों – स्ट्रॉन्ग रूम में जान बूझकर बिजली गुल की जा रही है। चुनाव आयोग से सवाल करते हुए उन्होंने पूछा, ‘वहां बिजली क्यों गुल हो रही है? हमारे यहां बिजली कटौती नहीं होती। मास्क पहनकर बिजली काटकर EVM लूटने की कोशिश की जा रही है।’

राज्य पुलिस प्रशासन के एक हिस्से पर भी जताई नाराजगी
ममता ने साथ ही राज्य के पुलिस प्रशासन के एक हिस्से के खिलाफ भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने राज्य के ऑफिसर्स-इन-चार्ज (OCs) और डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DMs) का चुन-चुनकर ट्रांसफर किया है। उन्होंने दावा किया कि ये अधिकारी अब BJP के कहने पर काम कर रहे हैं और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ एकतरफा काररवाई कर रहे हैं।
पुलिस बल को दी कड़ी चेतावनी
पुलिस बल को कड़ी चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, ‘उन्हें यह एहसास नहीं है कि वे चार तारीख के बाद चले जाएंगे, लेकिन आप लोग यहीं रहेंगे। हम ही आपको चाय और मिठाई देंगे। हम ही आपके परिवारों का ख्याल रखेंगे। तो फिर, आप BJP के लिए काम क्यों कर रहे हैं?’ उन्होंने पुलिस से अपील की कि वे किसी खास राजनीतिक पार्टी की सेवा करने के बजाय, राज्य के लोगों के भले के लिए बिना किसी भेदभाव के काम करें।

कैमक स्ट्रीट रैली के बाद ममता बनर्जी ने मानसतला रोड क्रॉसिंग पर जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने आशंका जताई कि बीजेपी कैश बांटकर वोट खरीदने की कोशिश कर सकती है। उन्होंने कहा, “मुझे खुफिया जानकारी मिली है कि वे अलग-अलग झुग्गियों में पैसा भेजने का इरादा रखते हैं। यह पैसा गद्दारों के जरिये भेजा जाएगा। ऐसे कई लोग हैं, जो पैसे के लिए अपनी वफादारी बेचते हैं, वे आज के ‘मीर जाफर’ हैं, वे एक झुग्गी-झोपड़ी में जाएंगे और हर व्यक्ति को उनके वोट के बदले 5,000 रुपये देंगे।”
गृह मंत्री अमित शाह पर भी तीखा हमला
ममता ने साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी तीखा हमला किया। शाह ने हाल ही में दावा किया था कि कोलकाता एक ‘झुग्गी-झोपड़ी’ बन गया है। इस बात की कड़ी निंदा करते हुए, मुख्यमंत्री ने सभी को झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों के अधिकारों और सम्मान की याद दिलाई।
उन्होंने कहा, “गृह मंत्री ने दावा किया कि ‘ममता-जी’ ने कोलकाता को झुग्गियों का शहर बना दिया है। तो क्या? क्या गरीब लोगों को कोलकाता में रहने का हक नहीं है? क्या झुग्गी-झोपड़ियों के लोग MA की परीक्षा पास नहीं करते? क्या वे इंजीनियर नहीं बनते? क्या वे IAS या IPS ऑफिसर नहीं बनते? हम भी गांवों में पैदा हुए हैं।”
गुजराती से लेकर सिख समुदाय तक को सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश दिया
बर्धन मार्केट और आस-पास के कैमक स्ट्रीट इलाके में ज्यादातर गैर-बंगाली व्यापारी समुदाय रहते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए TMC सुप्रीमो ने गुजराती, मारवाड़ी, जैन से लेकर सिख तक सभी समुदायों को संबोधित करते हुए सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि कोलकाता नगर निगम ने व्यापारियों पर एक भी पैसा नया टैक्स नहीं लगाया है, चाहे वह ट्रेड लाइसेंस के लिए हो या पीने के पानी की सर्विस के लिए। इसके उलट, केंद्र सरकार की GST पॉलिसी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार GST की आड़ में व्यापारियों को मुनाफा हड़प रही है।
