ममता बनर्जी ने खारिज किया एग्जिट पोल्स का अनुमान, बोलीं-मां, माटी और मानुष की चौथी सरकार बनाएंगे
कोलकाता, 30 अप्रैल। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव के बाद विभिन्न एजेंसियों के एग्जिट पोल्स का अनुमान खारिज करते हुए दावा किया है कि 4 मई को मतगणना समाप्त होने के बाद उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) मां, माटी और मानुष की चौथी सरकार बनाने जा रही है।
टीएमसी सुप्रीमो ममता ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट जारी कर कहा, ‘हम मां, माटी और मानुष की सरकार बनाने जा रहे हैं..जय बांग्ला!’ उन्होंने यह भी दावा किया कि टीएमसी को 226 से अधिक सीटें मिलेंगी। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में अधिकतर एग्जिट पोल्ट में टीएमसी के मुकाबले भाजपा को बढ़त का अनुमान व्यक्त किया गया है। इसके बावजूद सीएम ममता ने कहा कि उनकी पार्टी जीत रही है।
আমরা মা-মাটি-মানুষের সরকার গঠন করছি।
জয় বাংলা! pic.twitter.com/igVP0FlM9G
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) April 30, 2026
जमीनी हकीकत बताती है कि मुख्यमंत्री बनर्जी की बंगाली पहचान और व्यक्तिगत लोकप्रियता के कारण मुकाबला अनुमानों से कहीं अधिक कड़ा हो सकता है। क्षेत्रीय गौरव और सांस्कृतिक पहचान पर आधारित ‘बांग्ला अस्मिता’ का भाव मतदाताओं को लुभाता प्रतीत होता है, जिससे सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ 15 वर्षों के सत्ता-विरोधी आंदोलन के बावजूद भाजपा की संभावित बढ़त सीमित है।
ममता बनर्जी की पहचान उनकी पोशाक से ही बनती है, जो दशकों से उनके राजनीतिक करिअर का एक दृश्य घोषणापत्र रही है। पतली नीली किनारी वाली सादी सफेद धनेखाली सूती साड़ी और उनकी खास रबर की हवाई चप्पलों में लगातार नजर आकर, वे सत्ता के पारंपरिक प्रतीकों को प्रभावी ढंग से नकार देती हैं।
पोशाक का यह चुनाव एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति है, जो सादगी और सुलभता का संकेत देती है, और उन्हें एक निरंतर संघर्षशील कार्यकर्ता और ‘भूमिपुत्री’ के रूप में स्थापित करती है। ‘दीदी’ ब्रांड का मूल तत्व इसी सरल, सादगीपूर्ण सौंदर्य में निहित रहता है। सबसे मजबूत कवच है, जो यह दर्शाता है कि राष्ट्रीय नेता भले ही बदल जाएं, लेकिन बंगाल की ‘स्वदेशी’ रक्षक अपरिवर्तित रहती हैं।
