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बिहार : 33.25 लाख राशन कार्डधारकों के काटे जा रहे नाम, अपात्र और फर्जी लाभार्थी ले रहे पीडीएस का मुफ्त राशन?

बिहार : 33.25 लाख राशन कार्डधारकों के काटे जा रहे नाम, अपात्र और फर्जी लाभार्थी ले रहे पीडीएस का मुफ्त राशन?

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पटना, 30 अप्रैल। बिहार में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मुफ्त राशन का लाभ ले रहे अपात्र और फर्जी लाभार्थियों को हटाने के लिए राशन कार्ड से 33 लाख से अधिक नाम काटे जा रहे हैं। ये 33.25 लाख कार्डधारी केंद्र सरकार की ओर से चिह्नित 57,01,731 संदिग्धों की सूची में शामिल हैं।

केंद्र सरकार की ओर से चिह्नित 57,01,731 संदिग्धों की सूची में ये नाम शामिल

अधिकारियों के अनुसार, इनमें से 51 लाख मामलों की जांच पूरी कर ली गई है। संदिग्ध सूची में शामिल लाभुकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए जा रहे, उनके नाम हटाने की सूची में शामिल कर चरणबद्ध तरीके से काररवाई की जा रही है।

12 लाख से अधिक नाम पहले ही काटे जा चुके हैं

इसमें मृत व्यक्ति, सरकारी कर्मचारी, चार पहिया वाहन मालिक और आयकर दाता शामिल हैं। बताया जाता है कि 12 लाख से अधिक नाम पहले ही कट चुके हैं और 18 लाख से अधिक नाम (कुल 33 लाख+) सूची में हैं, जिन्हें हटाया जाएगा। इस बाबत खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किया है।

संदिग्धों की सूची में शामिल 57 लाख परिवारों में 55 लाख की जांच पूरी

विभाग के पदाधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने राशनकार्डधारी 57 लाख परिवारों का नाम संदिग्धों की सूची में डाला था। इन परिवारों के स्थानीय स्तर पर जांच कर आवश्यक काररवाई करने का निर्देश विभाग ने जिलों और संबंधित पदाधिकारियों को दिया है। इन 57 लाख परिवारों में 55 लाख की जांच पूरी कर ली गई है।

जांच में कोताही और लापरवाही बरतने वाले एसडीओ पर भी होगी काररवाई

विभाग के पदाधिकारियों के अनुसार करीब 36 लाख परिवार जांच में अयोग्य पाए गए हैं, जिनमें 12 लाख के नाम काट दिए गए हैं। वहीं, शेष परिवार जांच में योग्य पाए गए हैं, जिनके मान सूची से नहीं हटाए जाएंगे। विभाग इसके साथ ही जांच में कोताही और लापरवाही बरतने वाले एसडीओ पर काररवाई भी कर सकता है। इसकी भी तैयारी की जा रही है।

केंद्र सरकार ने संदिग्धों की सूची में वैसे कार्डधारियों को शामिल किया था, जिनके पास चारपहिया वाहन हैं, बड़ी कम्पनियों में निदेशक के पद पर हैं अथवा आयकर दाता हैं। साथ ही वैसे नाम भी इस सूची में शामिल किए गए हैं, जिनके द्वारा महीनों से राशन का उठाव जन वितरण प्रणाली के तहत नहीं किया जा रहा है। इन्हीं परिवारों के नाम जांच के बाद हटाए जा रहे हैं।

विभिन्न जिलों में मृतकों के नाम काटे जाने की सूची भी तैयार हुई

वर्तमान में राज्य के दो करोड़ 10 लाख परिवार राशनकार्डधारी हैं। इनमें ढेरों की मृत्यु हो चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों की बात करें तो पटना में सर्वाधिक 67,417 और मुजफ्फरपुर में 66,918 मृतकों के नाम काटे जाने की सूची तैयार हुई है। इसके अलावा गयाजी में 43,909, पूर्वी चंपारण में 41,421 और समस्तीपुर में 43,554 नामों को हटाया जाएगा जबकि छोटे जिलों में शिवहर से 1,330 और अरवल से 1,588 नाम हटाए जाने हैं।

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