अहमदाबाद के पास सूफी संत, उनके परिजनों की कब्रें तोड़े जाने के बाद झड़प, 35 लोग गिरफ्तार

अहमदाबाद, 9 मई। पुलिस ने अहमदाबाद के बाहरी इलाके में स्थित पिराना दरगाह में एक सूफी संत और उनके परिवार के सदस्यों की कब्रें तोड़े जाने के बाद दो समूहों के बीच हुई झड़प के संबंध में 35 लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार रात हुई झड़प के दौरान दोनों समुदायों के सदस्यों ने एक दूसरे पर पथराव किया, जिसके कारण कुछ लोग घायल हो गए।

पिराना दरगाह का प्रबंधन इमामशाह बावा रोजा न्यास द्वारा किया जाता है, जो हिन्दू-मुस्लिम सौहार्द का प्रतीक रहा है और इसके न्यासी दोनों समुदायों के सदस्य हैं। अहमदाबाद (ग्रामीण) अधीक्षक पुलिस के ओमप्रकाश जाट ने कहा, ‘‘कुछ मतभेदों के कारण एक न्यासी ने मंगलवार रात पिराना दरगाह में सूफी संत इमामशाह बावा और उनके परिवार के सदस्यों की कब्रें तोड़ दीं, जिसके बाद दोनों समुदायों के सदस्यों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंके।’’

जाट ने बताया कि यह मामला सामने आने पर देर रात दोनों समुदाय के लोग बड़ी संख्या में दरगाह स्थल पर एकत्र हो गए। उन्होंने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने और कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की एक टीम भी मौके पर पहुंची। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया जिससे पुलिस कर्मियों सहित कुछ लोग घायल हो गए।’’

उन्होंने बताया कि घटना के बाद दोनों पक्षों ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। जाट ने कहा, ‘‘पुलिस ने इस संबंध में हत्या का प्रयास करने, दंगा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत 35 लोगों को गिरफ्तार किया है।’’ उन्होंने बताया कि पुलिस ने इलाके में गश्त की और स्थिति को नियंत्रित किया गया।

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