केंद्र सरकार का फैसला : लोखंडे प्रशांत सीताराम बने CBSE के नए चेयरमैन, वरुण भारद्वाज सचिव नियुक्त
नई दिल्ली, 2 जून। केंद्र सरकार ने मंगलवार की शाम IAS लोखंडे प्रशांत सीताराम केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के नया चेयरमैन नियुक्त कर दिया। साथ ही वरुण भारद्वाज को बोर्ड का नया सेक्रेटरी बनाया गया है। ये दोनों क्रमशः राहुल सिंह व हिमांशु गुप्ता का स्थान लेंगे, जिन्हें आज ही दिन में क्रमशः सीबीएसई चेयरमैन व सचिव पद से हटा दिया गया था।
ये नियुक्तियां सरकार द्वारा विवादित ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) सिस्टम की जांच के आदेश दिए जाने के कुछ ही घंटों बाद की गईं। इस सिस्टम को लेकर छात्रों और अभिभावकों की ओर से कई शिकायतें मिली थीं।
कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा मंजूर एक आदेश के अनुसार, 2001-बैच के एजीएमयूटी कैडर के आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को, जो अभी गृह मंत्रालय के अधीन गृह विभाग में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं, अतिरिक्त सचिव के रैंक और वेतनमान पर सीबीएसई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
उन्होंने 1996 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी राहुल सिंह का स्थान लिया है, जिन्हें कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है।
वहीं सीनियर ब्यूरोक्रेट वरुण भारद्वाज को CBSE का नया सेक्रेटरी भी नियुक्त किया है। आदेश के अनुसार भारद्वाज को, जो 2008 बैच के भारतीय सूचना सेवा (IIS) अधिकारी हैं और अभी शिक्षा मंत्रालय के तहत उच्च शिक्षा विभाग में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत डेपुटेशन पर सीबीएसई के सेक्रेटरी के रूप में तैनात किया गया है।
उन्होंने 2012 बैच के एजीएमयूटी कैडर के आईएएस अधिकारी हिमांशु गुप्ता की जगह ली है। भारद्वाज सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत अपने कुल पांच साल के कार्यकाल के हिस्से के रूप में 19 सितम्बर, 2027 तक इस पद पर बने रहेंगे।
ऑन-स्क्रीन मार्किंग विवाद में केंद्र का एक्शन : CBSE के चेयरमैन और सचिव हटाए गए, जांच कमेटी गठित
देखा जाए तो CBSE में ऑन-स्क्रीन मार्किंग को लेकर चल रहा विवाद राजनीतिक स्तर तक पहुंच गया है। यही वजह रही कि केंद्र ने न सिर्फ सीबीएसई के अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला किया वरन इसके साथ ही बोर्ड की ओएसएम प्रणाली से जुड़ी सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय जांच समिति भी बनाई गई है। यह पूरा मामला 12वीं बोर्ड परीक्षा की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है। कमेटी एक माह के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी।
