CBSE ने जारी किया सर्कुलर – अब 12वीं कक्षा तक सभी भारतीय भाषाओं में कराई जाएगी पढ़ाई

नई दिल्ली, 22 जुलाई। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बड़ा फैसला करते हुए एक परिपत्र जारी किया है, जिसके तहत सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों को पूर्व-प्राथमिक से कक्षा 12वीं तक शिक्षा के वैकल्पिक माध्यम के रूप में मातृभाषा का उपयोग करने की अनुमति दी गई है। सीबीएसई स्कूलों में अब तक सिर्फ अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कराई जाती रही है।

सीबीएसई के मुताबिक यह एनईपी 2020 के प्रावधानों के अनुसार है। यह फैसला युवा छात्रों के लिए बहुभाषावाद के महत्वपूर्ण संज्ञानात्मक लाभों पर जोर देता है। छात्रों को मातृभाषा पर विशेष ध्यान देने के साथ कई भाषाओं से अवगत कराया जाएगा।

बोर्ड की तरफ से जारी एक सर्कुलर में कहा गया है, ‘सीबीएसई से संबद्ध स्कूल भारतीय संविधान की अनुसूची 8 में उल्लिखित भारतीय भाषाओं का उपयोग मूलभूत चरण से लेकर माध्यमिक चरण के अंत तक यानी पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं से लेकर 12वीं कक्षा तक वैकल्पिक माध्यम के रूप में अन्य मौजूद विकल्पों के रूप में करने पर विचार कर सकते हैं।’

स्कूलो में बच्चों की पढ़ाई मातृभाषा में हो सके, इसके लिए कुशल शिक्षकों, पाठ्यपुस्तकों और समय की उपलब्धता जैसी बहुभाषी शिक्षा को लागू करने की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने स्कूलों से उपलब्ध संसाधनों का पता लगाने, विशेषज्ञों से परामर्श करने आदि को भी कहा है।

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