श्रीरामचरितमानस को फाड़ने और जलाने के मामले में स्वामी प्रसाद मौर्य समेत नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज

लखनऊ, 30 जनवरी। यूपी की राजधानी में गोस्वामी तुलसीदास द्वारा श्रीरामचरितमानस के पन्नों को फाड़ने और इसे जलाने के आरोप में स्वामी प्रसाद मौर्या समेत नौ लोगों के खिलाफ लखनऊ के पीजीआई थाने में प्राथमिकी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह जानकारी पुलिस ने दी है। पीजीआई थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) राजेश राणा ने कहा कि उन्हें बीजेपी सदस्य सतनाम सिंह लवी से शिकायत मिली थी। इसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।

थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपियों में यशपाल सिंह लोधी, देवेंद्र यादव, महेंद्र प्रताप यादव, नरेश सिंह, एसएस यादव, सुजीत, संतोष वर्मा और सलीम शामिल हैं। इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 153-ए, 295 ए, 505 और 298 और आईटी अधिनियम की धारा 66 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने कहा कि प्राथमिकी में नामजद आरोपी रविवार को अखिल भारतीय ओबीसी महासभा के बैनर तले सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थन में उतरे थे। इस शिकायत में स्वामी प्रसाद मौर्य का भी नाम है। दरअसल रविवार सुबह पीजीआई के वृंदावन कालोनी में रामचरित मानस की प्रतियां फाड़ी और जलाी गई थीं। यह काम ओबीसी महासभा के पदाधिकारियों ने किया था। उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्या के समर्थन में नारेबाजी की और प्रतियां जलाईं।

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