वाराणसी/प्रयागराज/अयोध्या। सावन मास के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी का पावन संयोग एक ही दिन पड़ने से उत्तर प्रदेश के प्रमुख तीर्थस्थलों वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर से ही मंदिरों और घाटों पर भक्तों की लंबी कतारें नजर आईं। कांवड़ियों ने गंगाजल भरकर शिवालयों का रुख किया, जबकि श्रद्धालुओं ने नाग देवता की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
वाराणसी में रिमझिम बारिश के बीच श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंगला आरती के बाद मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं और कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें आधी रात से ही व्यवस्थाओं में जुटी रहीं। कतारों को व्यवस्थित करने के साथ ड्रोन कैमरों और अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से निगरानी की गई।
गंगा का जलस्तर बढ़ा, नावों का संचालन बंद
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दशाश्वमेध क्षेत्र में नावों के संचालन पर रोक लगा दी गई। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षा व्यवस्था का पालन करने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की।
प्रयागराज में कांवड़ियों का रेला
प्रयागराज के गंगा और संगम तटों पर भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। दशाश्वमेध घाट पर बड़ी संख्या में कांवड़ियों ने गंगाजल भरा और अलग-अलग शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए रवाना हुए। सावन सोमवार और नाग पंचमी के संयोग के चलते घाटों और प्रमुख मंदिरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई।
नागवासुकी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना
दारागंज स्थित ऐतिहासिक नागवासुकी मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। भक्तों ने नाग देवता को दूध, जल और पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नागवासुकी मंदिर का संबंध भगवान वासुकी से माना जाता है और नाग पंचमी पर यहां विशेष पूजा का महत्व है।
अयोध्या में नागेश्वरनाथ मंदिर में लंबी कतारें
रामनगरी अयोध्या में भी सावन सोमवार और नाग पंचमी के अवसर पर शिवभक्ति का माहौल रहा। सिद्ध पीठ नागेश्वरनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। स्थानीय लोगों के अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे भक्तों ने सरयू में स्नान के बाद भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयकारे लगाए। भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए।
तीनों तीर्थस्थलों पर सुरक्षा के खास इंतजाम
सावन सोमवार और नाग पंचमी के एक साथ पड़ने के कारण वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पहले से सक्रिय रहा। मंदिरों और घाटों के आसपास भीड़ नियंत्रण, यातायात और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गईं।

