गुजरात : मांजलपुर में भाजपा का दबदबा बरकरार, सतीश पटेल 30,630 वोटों से जीते
वडोदरा, 3 अगस्त। गुजरात के वडोदरा जिले की मांजलपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना दबदबा बरकरार रखा और पार्टी उम्मीदवार सतेंद्रभाई पटेल यानी सतीश गोविंदभाई पटेल ने सोमवार को हुई मतगणना में 30,630 वोटों के अंतर से शानदार जीत दर्ज की।
गत 30 जुलाई को हुए मतदान के बाद आज 20 राउंड की मतगणना में भाजपा ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और बड़ी जीत हासिल की। सतीश पटेल को 55,481 वोट मिले जबकि कांग्रेस उम्मीदवार भीखाभाई रबारी को 24,851 वोट मिले हैं। दिलचस्प यह रहा कि इस सीट पर सिर्फ दो ही उम्मीदवार आमने-सामने थे। चुनाव आयोग की ओर से घोषित परिणाम पर गौर करें तो 2247 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। यानी दोनों में कोई उम्मीदवार उनकी पसंद का नहीं था।
यह जीत पूरी तरह से जनता की जीत : सतीश पटेल
वडोदरा नगर निगम के पूर्व पार्षद सतीश पटेल ने शानदार जीत के बाद मीडिया से बातचीत में अपनी इस सफलता का श्रेय मांजलपुर की जनता और पार्टी के कार्यकर्ताओं को दिया। उन्होंने कहा, ‘मांजलपुर की जनता ने जिस प्रकार स्वर्गीय योगेश काका पर अपना भरोसा जताया था, वैसा ही अभूतपूर्व आशीर्वाद मुझे भी दिया है। यह जीत पूरी तरह से जनता की जीत है।’
उन्होंने आश्वासन दिया कि वह जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह खरे उतरेंगे। क्षेत्र का विकास, बेहतर सड़कें, पेयजल आपूर्ति और अन्य बुनियादी जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी।
भीखाभाई का आरोप – चुनाव के अंतिम चरण में भय का माहौल बनाया गया
वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार भीखा रबारी ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि वह जनता के फैसले का सम्मान करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के अंतिम चरण में भय का माहौल बनाया गया, जिससे चुनाव निष्पक्ष नहीं रहा। उन्होंने अपने समर्थकों और मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह आगे भी जनता के मुद्दों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
दिग्गज भाजपा नेता योगेश पटेल के निधन से रिक्त हुई थी मांजलपुर
गौरतलब है कि मांजलपुर विधानसभा सीट भाजपा के वरिष्ठ विधायक योगेश पटेल के लंबी बीमारी के बाद गत दो जून को निधन के कारण खाली हुई थी। यदि इस सीट के इतिहास की बात करें तो, मांजलपुर विधानसभा सीट वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी और तब से भाजपा का अजेय गढ़ रही है, जहां दिवंगत नेता योगेश पटेल ने 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में लगातार भारी अंतर से जीत दर्ज की थी।
