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लखनऊ, 15 सितंबर। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 62 जनपदों में 39,721.541 हेक्टेयर गोचर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। सरकार का कहना है कि गोचर भूमि को सुरक्षित रखने के साथ इसका उपयोग गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की ओर से निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए सीएम सहभागिता योजना भी संचालित की जा रही है। इसके तहत इच्छुक और पात्र लाभार्थियों को निराश्रित गोवंश सुपुर्द किए जा रहे हैं, ताकि उनकी देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित हो सके।

93 हजार से ज्यादा लाभार्थियों को मिले गोवंश

अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि सीएम सहभागिता योजना के तहत अब तक 93,287 लाभार्थियों को 1,67,658 गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। सरकार के मुताबिक, इस पहल से बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश को सुरक्षित और बेहतर आश्रय मिल रहा है। साथ ही ग्रामीण परिवारों को गोवंश के पालन-पोषण से जोड़कर उनकी आजीविका को मजबूत करने का भी प्रयास किया जा रहा है।

सड़कों पर निराश्रित गोवंश की समस्या कम करने पर जोर

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि योजना का उद्देश्य सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर निराश्रित गोवंश की समस्या को कम करने के साथ-साथ उनके संरक्षण और संवर्धन में जनभागीदारी बढ़ाना है। योजना के तहत लाभार्थियों को सौंपे गए गोवंश की देखभाल, चारा-पानी और संरक्षण की जिम्मेदारी लाभार्थियों की ओर से निभाई जाती है। इससे गोवंश को सुरक्षित वातावरण मिलने के साथ पशुपालन को भी बढ़ावा मिल रहा है।

62 जिलों में गोचर भूमि से हटाया गया अवैध कब्जा

सरकार ने सार्वजनिक और गोचर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए लगातार अभियान चलाने की बात कही है। इसी अभियान के तहत 62 जिलों में कुल 39,721.541 हेक्टेयर गोचर भूमि को कब्जे से मुक्त कराया गया है। सरकार का कहना है कि गोचर भूमि की सुरक्षा से निराश्रित गोवंश के संरक्षण की व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में पशुपालन को बढ़ावा मिलने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने पर भी फोकस

सीएम सहभागिता योजना को केवल गोवंश संरक्षण तक सीमित नहीं माना जा रहा है। इसके जरिए ग्रामीण परिवारों को पशुपालन से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे गोवंश को आश्रय मिलने के साथ ग्रामीण परिवारों की आजीविका के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने गोचर और सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने तथा गोवंश संरक्षण की व्यवस्था को मजबूत करने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।

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