बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल – बिंद्यारानी स्वर्ण पदक से चूकीं, भारत ने भारोत्तोलन में जीता दिन का चौथा पदक

बर्मिंघम, 31 जुलाई। भारतीय भारोत्तोलक बिंद्यारानी देवी यहां राष्ट्रमंडल खेलों में शनिवार की रात एक किलोग्राम के अंतर से स्वर्ण पदक चूक गईं। फिलहाल उन्होंने 55 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में कुल 202 किलो वजन उठाकर रजत के रूप में देश को दिन का चौथा पदक दिलाया।

इसके पूर्व दिन में संकेत महादेव सरगर ने पुरुषों के 55 किलोग्राम भार वर्ग में रजत, गुरुराजा पुजारी ने 61 किलो में कांस्य और फिर मीराबाई ने 49 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। इस प्रकार स्पर्धाओं के दूसरे दिन भारत ने एक स्वर्ण व दो रजत सहित कुल चार पदक जीते और ये सभी पदक भारोत्तोलन स्पर्धा में मिले।

मणिपुर की लिफ्टर बिंद्यारानी ने स्नैच में 86 किलो और क्लीन एवं जर्क में 116 किलो वजन उठाकर रजत जीता जबकि स्वर्ण पदक जीतने वाली नाइजीरिया की एडिजैट एडिनेके ने कुल 203 किलोग्राम भार उठाया, जो बिंद्यारानी देवी के उठाए वजन से एक किलो ज्यादा रहा।

क्लीन एंड जर्क में बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

बिंद्यारानी ने ‘स्नैच’ के अपने पहले प्रयास में सफलतापूर्वक 81 किग्रा भार उठाया। उन्होंने दूसरे प्रयास में 84 और फिर अपने अंतिम प्रयास में 86 किग्रा वजन उठाया। वहीं, क्लीन एंड जर्क लिफ्ट वर्ग में बिंद्यारानी ने अपने पहले प्रयास में 110 किग्रा भार उठाया। 114 किग्रा के अपने दूसरे प्रयास में वह असफल रहीं। लेकिन अंतिम प्रयास में उन्होंने 116 किग्रा वजन उठाकर न सिर्फ राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया वरन भारत के लिए दिन का दूसरा रजत पदक भी जीत लिया।

इसके पूर्व टोक्यो ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन से बर्मिंघम खेलों में देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। चानू ने महिलाओं की 49 किग्रा स्पर्धा में कुल 201 किग्रा (88 किग्रा और 113 किग्रा) वजन उठाकर दबदबा बनाते हुए राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया।

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