लखनऊ, 25 सितंबर: आज की व्यस्त जीवनशैली में तनाव और शारीरिक थकान आम समस्या बनती जा रही है। ऐसे में योग को शरीर और मन को स्वस्थ रखने के एक उपयोगी तरीके के रूप में अपनाया जाता है। योग के कई आसनों में सेतुबंधासन (Bridge Pose) भी शामिल है। यह अपेक्षाकृत सरल आसन है, जिसमें शरीर की मांसपेशियों के साथ रीढ़ और छाती के हिस्से पर भी काम होता है।
आयुष मंत्रालय की योग संबंधी सामग्री में सेतुबंधासन को शरीर और मन के लिए लाभकारी आसनों में शामिल किया गया है। नियमित और सही तरीके से अभ्यास करने पर यह शरीर में लचीलापन बनाए रखने और मानसिक तनाव को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, किसी बीमारी के इलाज के लिए इसे चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
तनाव और मानसिक थकान में मिल सकती है राहत
सेतुबंधासन के दौरान शरीर को एक विशेष मुद्रा में स्थिर रखा जाता है, जिससे सांस पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है। नियमित योग अभ्यास के साथ यह आसन तनाव और मानसिक थकान को कम करने में सहायक हो सकता है। इससे शरीर को रिलैक्स करने और मन को शांत रखने में मदद मिल सकती है।
पेट और शरीर की मांसपेशियों के लिए उपयोगी
इस आसन में पेट, कमर और पैरों की मांसपेशियों पर खिंचाव और सक्रियता आती है। नियमित अभ्यास से इन मांसपेशियों की ताकत और लचीलेपन को बनाए रखने में मदद मिल सकती है। योग अभ्यास के दौरान शरीर की सही मुद्रा बनाए रखना बेहद जरूरी है।
सांस और छाती से जुड़ी मांसपेशियों पर असर
सेतुबंधासन में छाती का हिस्सा ऊपर उठता है, जिससे सांस लेने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। नियमित योग अभ्यास श्वसन क्षमता और शरीर के रिलैक्सेशन में मदद कर सकता है। हालांकि, सांस से जुड़ी किसी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को योग अभ्यास शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
महिलाओं के लिए भी हो सकता है उपयोगी
योग के नियमित अभ्यास को महिलाओं के लिए भी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिहाज से उपयोगी माना जाता है। सेतुबंधासन के दौरान शरीर के निचले हिस्से और पेट के आसपास खिंचाव आता है, जिससे कुछ लोगों को आराम महसूस हो सकता है।
मासिक धर्म या मेनोपॉज से जुड़ी समस्याओं के मामले में योग तनाव और सामान्य शारीरिक असहजता को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, हार्मोनल समस्याओं या किसी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के इलाज के लिए केवल योग पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
नींद और दिनभर की ताजगी में मिल सकती है मदद
तनाव कम करने और शरीर को रिलैक्स करने वाले योग अभ्यास नींद की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकते हैं। सेतुबंधासन को नियमित योग रूटीन का हिस्सा बनाने से कुछ लोगों को शरीर में आराम और दिनभर सक्रिय महसूस करने में मदद मिल सकती है।
सेतुबंधासन करते समय इन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए
अगर गर्दन, कंधे या रीढ़ की हड्डी में ताजा या गंभीर चोट है, तो सेतुबंधासन का अभ्यास करने से बचना चाहिए। रीढ़ की हड्डी में अत्यधिक जकड़न या किसी गंभीर समस्या की स्थिति में बिना विशेषज्ञ की सलाह के यह आसन न करें।
आसन करते समय दर्द, चक्कर या असहजता महसूस हो तो तुरंत अभ्यास रोक दें। शुरुआती लोगों के लिए किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की देखरेख में सही तकनीक सीखना बेहतर होता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य योग और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए है। योग किसी बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं है। किसी स्वास्थ्य समस्या, चोट या गर्भावस्था की स्थिति में योग अभ्यास शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य योग विशेषज्ञ की सलाह लें।


