बिहार सरकार ने NEET पेपर लीक के विरोध में गिरफ्तार लोगों के खिलाफ दर्ज FIR वापस ली, गिरफ्तार प्रदर्शनकारी रिहा
पटना, 27 जुलाई। बिहार सरकार ने सोमवार को कहा कि नीट (UG) में गड़बड़ी और पेपर लीक की अन्य घटनाओं को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज FIR तुरंत वापस ले ली जाएंगी। इसी क्रम में राज्य सरकार ने देर रात जारी एक नोटिफिकेशन में कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार किए गए लोगों को भी तुरंत रिहा कर दिया जाएगा और भविष्य में भी उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष काररवाई नहीं की जाएगी।
नोटिफिकेशन में कहा गया, ‘साथ ही, उक्त विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने के कारण 26.07.2026 को शाम छह बजे से पहले व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज सभी मौजूदा एफआईआर, आपराधिक शिकायतों या कारण बताओ नोटिस को वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी। इसके अलावा 26.07.2026 को शाम 6 बजे से पहले दर्ज मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार/हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों को तुरंत रिहा कर दिया जाएगा।’
पूरे बिहार में लगभग 700 लोग हिरासत में लिए गए
बिहार पुलिस के अनुसार, नीट पेपर लीक के विरोध में वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए राज्यव्यापी बंद को लागू करने की कोशिश करने के आरोप में पिछले सप्ताह 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें से 339 नाबालिग और छात्र थे, जिन्हें उम्र की पुष्टि के बाद छोड़ दिया गया। वहीं, अन्य 355 हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ ‘हिंसक गतिविधियों’ में शामिल होने के आरोप में काररवाई की जा रही थी।
बिहार पुलिस ने यह भी बताया कि 25 जुलाई के बंद के दौरान हुई झड़पों में 91 पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हो गए। 13 आम नागरिक भी घायल हुए थे। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की थी।
