नई दिल्ली, 7 अक्टूबर। देश के अधिकांश हिस्सों से मानसून की विदाई के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मध्य प्रदेश में बने चक्रवाती तंत्र के प्रभाव से अगले तीन दिनों तक कई इलाकों में बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश के 16 जिलों में बारिश की संभावना है। इसके अलावा उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पंजाब समेत कई राज्यों में बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हो सकती है।
यूपी में 10 नदियां उफान पर, 7 जिलों में बाढ़
पहाड़ी इलाकों में हुई भारी बारिश का असर उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। प्रदेश की 10 प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। लखनऊ और सीतापुर समेत 7 जिले बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। गोंडा के करीब 10 गांव अब भी जलमग्न बताए जा रहे हैं। लखनऊ के इटौंजा इलाके में पानी के तेज बहाव में छह दोस्त बह गए। इनमें से पांच युवकों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक युवक की मौत हो गई। वहीं, उन्नाव में बारिश के दौरान दीवार गिरने से एक महिला की जान चली गई। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से लखनऊ स्थित हनुमंत धाम परिसर में भी पानी भर गया है। बताया जा रहा है कि पानी लेटे हुए हनुमान मंदिर के गर्भगृह तक पहुंच गया है।
उत्तराखंड में बर्फबारी, बारिश और ओलावृष्टि
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने अपना अलग रंग दिखाया है। चमोली में ताजा बर्फबारी हुई है, जबकि देहरादून में तेज बारिश और अल्मोड़ा व उत्तरकाशी में ओलावृष्टि दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने चमोली, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। खराब मौसम के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
हरियाणा में ओलावृष्टि, मंडियों में भीगा धान
हरियाणा के पंचकूला में ओलावृष्टि हुई, जबकि यमुनानगर में तेज बारिश के कारण अनाज मंडियों में खुले में रखा धान और ट्रॉलियों में लदी फसलें भीग गईं। बारिश से किसानों को फसल खराब होने और आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है।
बिहार में करीब 8 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित
बिहार में भी बारिश और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। मुंगेर, गया, बांका और मोतिहारी में मंगलवार को तेज बारिश हुई। वहीं गंगा और गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से वैशाली समेत छह जिलों के करीब 466 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ के कारण लगभग 8 लाख लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। मौसम में अचानक आए इस बदलाव ने मानसून की विदाई के बाद ठंड की ओर बढ़ रहे मौसम के बीच लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।


