मथुरा/वृंदावन, 7 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के वृंदावन में एक निजी गुरुकुल में दर्दनाक हादसे से हड़कंप मच गया। चैतन्य विहार इलाके में स्थित गुरुकुल में अंडरग्राउंड पानी की टंकी की सफाई करने उतरे पांच नाबालिग छात्र कथित तौर पर जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए। हादसे में चार छात्रों की मौत हो गई, जबकि एक छात्र किसी तरह टंकी से बाहर निकलने में सफल रहा। मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने चार बच्चों की मौत की पुष्टि की है। जिलाधिकारी के अनुसार, चैतन्य विहार इलाके में आशीष शर्मा द्वारा ‘वृंदावन गुरुकुलम’ नाम से निजी गुरुकुल संचालित किया जा रहा था। संस्थान में करीब 200 बच्चे पंजीकृत हैं और फिलहाल लगभग 100 बच्चे परिसर में रह रहे थे।
पानी की टंकी में जहरीली गैस की आशंका
बताया गया कि शाम के समय गुरुकुल परिसर में बनी अंडरग्राउंड पानी की टंकी से तेज दुर्गंध आ रही थी। इसके बाद पांच छात्र टंकी की सफाई करने के लिए उसके अंदर उतर गए। आशंका है कि टंकी के भीतर जहरीली गैस जमा थी। गैस की चपेट में आने के बाद सभी पांचों छात्र बेहोश हो गए। हादसे में चार बच्चों की जान चली गई, जबकि एक छात्र किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा। अधिकारियों के मुताबिक, मृतक सभी बच्चे दूसरे राज्यों के रहने वाले थे।
गुरुकुल प्रबंधन पर उठे सवाल
घटना के बाद गुरुकुल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि संस्थान किन नियमों और मानकों के तहत संचालित हो रहा था और क्या उसे आवश्यक मान्यता प्राप्त थी। जिलाधिकारी ने कहा कि गुरुकुल में सीमित स्थान के भीतर बड़ी संख्या में बच्चों के रहने समेत सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। पूरे मामले की पड़ताल के लिए मजिस्ट्रेट स्तर की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के आधार पर गुरुकुल प्रबंधन की जिम्मेदारी और सुरक्षा मानकों में हुई संभावित लापरवाही का भी पता लगाया जाएगा।


