लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर परिवारवाद और धनबल की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सपा के खुद को समाजवादी और पीडीए की पार्टी बताए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के काम उसके दावों के विपरीत नजर आते हैं। मायावती ने सपा के राज्यसभा उम्मीदवार प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी के चयन को लेकर भी निशाना साधा है।
सपा ने 30 सितंबर को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार घोषित कर दोनों का नामांकन दाखिल कराया था। नामांकन के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौजूद रहे।
मायावती ने परिवारवाद और धनबल का लगाया आरोप
मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि बसपा छोटे-बड़े किसी भी चुनाव में परिवार, सगे-संबंधियों, भाई-भतीजों और बड़े पूंजीपतियों को टिकट नहीं देती है। उन्होंने दावा किया कि बसपा सर्वसमाज के गरीब, मध्यम वर्ग और कमजोर तबकों से जुड़े कर्मठ अंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाती है।
बसपा प्रमुख ने सपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी चुनावों में परिवारवाद और धनबल का सहारा लेती है। उन्होंने सपा के समाजवादी और पीडीए की पार्टी होने के दावे को भी राजनीतिक छलावा बताया।
रामगोपाल यादव और नाथवानी के चयन पर उठाए सवाल
मायावती ने सपा के राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन को अपने आरोपों का ताजा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि सपा ने रामगोपाल यादव को दोबारा राज्यसभा भेजने के लिए उम्मीदवार बनाया है, जबकि दूसरे उम्मीदवार के तौर पर धनराज परिमल नाथवानी को चुना है।
रामगोपाल यादव सपा के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वहीं, धनराज परिमल नाथवानी कॉरपोरेट क्षेत्र और खेल प्रशासन से जुड़े हैं तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े वरिष्ठ कार्यकारी के तौर पर भी उनका उल्लेख किया गया है।
मायावती ने नाथवानी की उम्मीदवारी को लेकर भी सपा पर सवाल उठाए और इसे पार्टी की कथित धनबल की राजनीति से जोड़कर देखा।
‘सपा को वोट PDA का चाहिए, लेकिन…’
मायावती ने आरोप लगाया कि सपा चुनाव में पीडीए के नाम पर समर्थन मांगती है, लेकिन उसके सांसद और विधायक परिवार के लोगों तथा बड़े पूंजीपतियों को बनाने की राजनीति करती है। उन्होंने लोगों से सपा के पीडीए के दावे के प्रति सतर्क रहने की अपील की।
बसपा प्रमुख ने कहा कि यह सपा की कोई नई राजनीति नहीं है, बल्कि उनके मुताबिक पार्टी का ऐसा राजनीतिक चरित्र लंबे समय से रहा है।
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मायावती का बड़ा संदेश
मायावती ने अपने बयान में उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने खास तौर पर गरीब सवर्णों और बहुजन समाज के दलित, आदिवासी, अति-पिछड़े, मुस्लिम तथा अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक वर्गों से सतर्क रहने की अपील की।
उन्होंने दावा किया कि इन वर्गों का हित अंबेडकरवादी बसपा की राजनीति में सुरक्षित है। मायावती का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दल अपनी रणनीति और सामाजिक समीकरणों को लेकर सक्रिय हैं।
वहीं, राज्यसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान होना है और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर निर्धारित है।


