बारबरा क्रेचिकोवा बनीं विम्बलडन की नई मलिका, जैस्मिन पाओलिनी तीन सेटों के फाइनल में परास्त

लंदन, 13 जुलाई। WTA टूर की युगल विशेषज्ञ के रूप में लोकप्रिय चेक गणराज्य की बारबरा क्रेचिकोवा शनिवार को उलटफेर करते हुए विम्बलन की नई मलिका बन बैठीं। विश्व रैंकिंग में 32वें क्रम की इस 28 वर्षीया खिलाड़ी ने चर्च रोड स्थित ऑल इंग्लैंड टेनिस एंड क्रॉकेट क्लब के सेंटर कोर्ट पर खेले गए महिला एकल फाइनल में सातवीं सीड व हमउम्र इतालवी जैस्मिन पाओलिनी को 6-2, 2-6, 6-4 से शिकस्त दीं और करिअर का दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम कर लिया।

पाओलिनी को लगातार दूसरे मेजर फाइनल में मात खानी पड़ी

चूंकि दोनों ही खिलाड़ी विम्बलडन में पहली बार फाइनल में पहुंची थीं, लिहाजा जीतने वाली खिलाड़ी का चर्च रोड की घसियाली सतह पहली बार चैम्पियन बनना पहले से ही तय था। अंततः तीन सेटों की यह कश्मकश 31वीं सीड क्रेचिकोवा के नाम रही, जिन्होने वर्ष 2021 में फ्रेंच ओपन खिताब जीता था। वही पाओलिनी को लगातार दूसरे मेजर फाइनल में पराजय झेलनी पड़ी। पिछले माह फ्रेंच ओपन फाइनल में उन्हें इगा स्वियातेक से मात खानी पड़ी थी।

क्रेचिकोवा के नाम अब तक 10 ग्रैंड स्लैम युगल खिताब भी हैं

दिलचस्प यह है कि क्रेचिकोवा अपने करिअर में अब तक 10 ग्रैंड स्लैम युगल खिताब जीत चुकी हैं और अब उनके नाम दो सिंगल्स ग्रैंड स्लैम खिताब हो गए हैं। जीवित ही किंवदंती बन चुकीं मार्टिना नवरातिलोवा की देश में जन्मी इस खिलाड़ी ने यह साबित किया कि डबल्स हो या सिंगल्स, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता और जीत हासिल करना उनकी खासियत है।

आल इंग्लैंड क्लब में लगातार सातवें वर्ष नई महिला चैंम्पियन

गौर करने वाली बात यह भी है कि आल इंग्लैंड क्लब में यह लगतार सातवां वर्ष है, जब महिला एकल में नई चैम्पियन का अभ्युदय हुआ है। वर्ष 2017 से शुरू हुआ यह सिलसिला अब तक जारी है। वहीं क्रेचिकोवा की बात करें तो विम्बलडन खिताब जीतने वाली चेक गणराज्य की सातवीं महिला खिलाड़ी हैं।

मुकाबले का जहां तक सवाल है तो एक घंटा 56 मिनट तक खिंची कश्मकश में क्रेचिकोवा ने धाकड शुरुआत की और पहले सेट में त्रुटिहीन टेनिस से पाओलिनी को हतप्रभ कर दिया। इस दौरान उन्होंने दो बार विपक्षी की सर्विस छीनी। हालांकि दूसरे सेट में पाओलिनी ने वापसी की और बारबरा से दो सर्विस छीनने के साथ मुकाबला तीसरे व निर्णायक सेट में पहुंचा दिया। तीसरे सेट में कड़ा संघर्ष देखने को मिला, लेकिन नाजुक वक्त पर पाओलिनी फाइनल का दबाव नहीं सह सकीं और उनसे अनावश्यक गलतियां हुईं, जिसका फायदा उठाकर क्राइचेक ने एक सर्विस ब्रेक से सेट व मुकाबला अपने नाम कर लिया।

बारबरा क्रेचिकोवा ने विजेता ट्रॉफी ग्रहण करने के बाद कहा, ‘ ‘मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि मैं विम्बलडन की एकल चैम्पियन बन चुकी हूं। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं 1998 में यहां चैम्पियन बनीं याना नोवोत्वा की तरह ही ट्रॉफी जीतूंगी।’ क्रेचिकोवा ने दिल को छू लेने वाले ये शब्द उन नोवोत्ना के लिए कहे, जिन्होने उनकी टेनिस लाइफ बदल दी।

वहीं हार के बाद भी जैस्मिन पाओलिनी मुस्कुराए बिना नहीं रह सकीं। उन्होंने उपजेता ट्रॉफी लेने के बाद कहा, ‘मुझे सदैव मुस्कुराते रहना है। नई पसंदीदा जगह SW19 (विम्बलड एरिया का संक्षिप्त नाम) में हम जल्द ही फिर से मिलने का इंतजार नहीं कर सकते।’

पुरुष एकल फाइनल आज : अलकराज व जोकोविच फिर आमने-सामने

इस बीच रविवार को पुरुष एकल फाइनल में गत चैम्पियन कार्लोस अलकराज गार्फिया और सात बार के पूर्व चैम्पियन नोवाक जोकोविच लगातार दूसरे वर्ष आमने-सामने होंगे। यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि करिअर के 25वें मेजर खिताब के लिए प्रयासरत जोकोविच पिछले वर्ष अलकराज के हाथों पांच सेटों में मिली पराजय का हिसाब बराबर कर पाते हैं अथवा नहीं।

दो माह पहले ही 21वां जन्मदिन मनाने वाले विश्व नंबर तीन अलकराज की निगाहें कुल चौथे व लगातार दूसरे ग्रैंड स्लैम खिताब पर लगी हैं। वर्ष 2022 में अमेरिकी ओपन के रूप में करिअर की पहली मेजर उपाधि जीतने वाला यह दिग्गज पिछले माह फ्रेंच ओपन भी जीत चुका है।

37 वर्ष की वय में 37वां ग्रैंड स्लैम फाइनल खेलेंगे नोवाक

वहीं 37 वर्ष की वय में चर्च रोड पर 10वां व कुल 37वां ग्रैंड स्लैम फाइनल खेलने के लिए तैयार विश्व नंबर दो जोकोविच पिछले वर्ष चारों ग्रैंड स्लैम स्पर्धाओं के फाइनल में पहुंचे थे। लेकिन यह विम्बलडन ही था, जहां अलकराज के हाथों हार के चलते वह कैलेंडर ग्रैंड स्लैम से वंचित रह गए थे। वर्ष 2024 की बात करें तो नोवाक का यह पहला मेजर फाइनल भी होगा।

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