‘संसद से सड़कों तक टकराव टालें’, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को मायावती की नसीहत
लखनऊ, 20 जुलाई। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने केंद्र और राज्य सरकारों को नसीहत देते हुए कहा कि देश के मौजूदा राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक हालात को देखते हुए संसद से लेकर सड़कों तक टकराव की स्थिति से बचना चाहिए। उन्होंने पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को लेकर सरकारों से तत्काल ठोस और सख्त कदम उठाने की मांग की।
‘संसद और सड़कों पर टकराव की स्थिति टाली जाए’
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मानसून सत्र की शुरुआत के साथ संसद, सड़कों और दिल्ली के जंतर-मंतर तक विभिन्न मुद्दों को लेकर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि देश के मौजूदा हालात को देखते हुए सभी पक्षों को समझदारी और संयम से काम लेना चाहिए ताकि किसी भी तरह के टकराव से बचा जा सके।
बसपा प्रमुख ने कहा कि मेडिकल और अन्य अखिल भारतीय प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ राज्यों की भर्ती परीक्षाएं लगातार पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण प्रभावित हो रही हैं। इससे सबसे अधिक नुकसान युवाओं और बेरोजगार अभ्यर्थियों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि देशभर में युवाओं का आक्रोश और आंदोलन इसी चिंता को दर्शाता है, इसलिए सरकारों को इस समस्या पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
मायावती ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि परीक्षा व्यवस्थाओं से जुड़े उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और युवाओं का भरोसा कायम रहे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता कमजोर होने के कारण निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों का तेजी से विस्तार हो रहा है।
मायावती ने की सरकारों से अपील-
1- प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
2- कोचिंग संस्थानों पर पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त निगरानी रखी जाए।
3- छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
4- ‘युवा स्थायी और सम्मानजनक रोजगार चाहते हैं’
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि देश का युवा वर्ग महंगाई और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद बेहतर शिक्षा प्राप्त कर स्थायी और सम्मानजनक रोजगार हासिल करना चाहता है। सरकारों का दायित्व है कि वे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएं। मायावती ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति केवल जीडीपी वृद्धि से नहीं, बल्कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था और शिक्षित समाज से तय होती है। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षित, सुरक्षित और कल्याणकारी भारत ही वास्तविक विकास का आधार है।
CJP आंदोलन का भी किया जिक्र
अपने बयान में मायावती ने कहा कि यदि सरकारें युवाओं से जुड़े मुद्दों पर समय रहते प्रभावी कदम उठाएं, तो दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) जैसे आंदोलनों की नौबत नहीं आएगी। उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाकर संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।
