गंगटोक, 21 जुलाई। सिक्किम के नामची जिले के समरडुंग (झोलुंगे के पास) स्थित निर्माणाधीन एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में मंगलवार दोपहर हुए भीषण भूस्खलन में अब तक सात मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। हादसे के बाद कई मजदूरों के अब भी सुरंग के भीतर फंसे होने की आशंका है।
मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं, जबकि प्रशासन, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय बचाव एजेंसियां तथा परियोजना विशेषज्ञ संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, हादसा मंगलवार दोपहर करीब 3:09 बजे हुआ। पटेल इंजीनियरिंग द्वारा निर्माणाधीन सुरंग में अचानक भूस्खलन होने से उसका एक हिस्सा मलबे से भर गया और अंदर काम कर रहे कई मजदूर फंस गए। उस समय सुरंग में निर्माण कार्य जारी था।
मीथेन गैस रिसाव से बचाव अभियान बना चुनौती
भूस्खलन के बाद सुरंग के भीतर मीथेन गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिससे राहत एवं बचाव कार्य और अधिक कठिन हो गया है। गैस की मौजूदगी के कारण रेस्क्यू टीमों को विशेष सुरक्षा उपकरणों और गैस मॉनिटरिंग सिस्टम की मदद से बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ना पड़ रहा है।
27 मजदूरों के फंसे होने की आशंका
अधिकारियों के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, हादसे के समय करीब 27 मजदूर सुरंग के भीतर मौजूद थे। अब तक सात शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य मजदूरों की तलाश युद्धस्तर पर जारी है।
हादसे से पहले सुनाई दी थी तेज धमाके जैसी आवा
जिला प्रशासन के मुताबिक, दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। जिला कलेक्टर ने बताया कि सुरक्षित बाहर निकले कुछ मजदूरों ने दावा किया है कि हादसे से ठीक पहले सुरंग के भीतर विस्फोट जैसी तेज आवाज सुनाई दी थी। इसके तुरंत बाद भूस्खलन हुआ और सुरंग में अफरा-तफरी मच गई। कई मजदूर किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन कई अन्य अंदर ही फंस गए।

