इलाहाबाद हाई कोर्ट का पूर्व सांसद अफजाल अंसारी की सजा पर रोक से इनकार, लेकिन जमानत की अर्जी सशर्त मंजूर

प्रयागराज, 24 जुलाई। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गाजीपुर से बसपा के निवर्तमान सांसद अफजाल अंसारी को गैंगस्टर मामले में मिली चार वर्ष कैद की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हालांकि हाई कोर्ट ने अफजाल अंसारी की जमानत अर्जी सशर्त मंजूर करते हुए इस मामले में उन्हें जेल से रिहा किए जाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जमानत मंज़ूर करने का आदेश अफजाल अंसारी की बीमारी व अन्य आधार पर दिया है। साथ ही अपील की सुनवाई के दौरान सजा को निलंबित रखने का आदेश दिया है।

न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने अफजाल अंसारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल चतुर्वेदी एवं अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय और सरकारी वकील को सुनकर यह आदेश दिया। गैंगस्टर मामले में गाजीपुर की स्पेशल कोर्ट एमपी/एमएलए ने अफजाल अंसारी को गत 29 अप्रैल को दोषी करार देते हुए चार साल कारावास की सजा सुनाई थी। इस सजा के कारण अफजाल अंसारी को जेल जाना पड़ा और उनकी लोकसभा की सदस्यता निरस्त कर दी गई। अफजाल अंसारी ने गैंगस्टर एक्ट में सजा के खिलाफ दाखिल अपील में लोकसभा की सदस्यता बचाए रखने के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दी थी।

अफजाल अंसारी ने अर्जी में सजा के खिलाफ दाखिल अपील पर अंतिम फैसला आने तक रोक लगाने की मांग की थी। कोर्ट ने अर्जी पर सुनवाई के बाद गत 12 जुलाई को अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया था। गौरतलब है कि वर्ष 2005 में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मुकदमे के आधार पर अफजाल अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का केस दर्ज हुआ था। हालांकि कृष्णानंद राय मर्डर केस में अफजाल अंसारी व अन्य आरोपित 2019 में ही बरी किए जा चुके हैं।

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