अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव न लड़ने का दिया संकेत, बोले- ‘सीधे सीएम पद की शपथ लूंगा’

वाराणसी, तीन नवम्बर। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष व यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को वाराणसी में संकेत दिया कि वह आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि वह इस बार सीधे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इसकी वजह उन्होंने यह बताई कि जब वह चुनाव नहीं लड़ते तो मुख्यमंत्री बनते हैं।

हाल ही में दिवंगत सपा के जिला उपाध्यक्ष राजेश यादव ‘नत्थू’ को श्रद्धांजलि अर्पित करने व पिछले काफी दिनों से अस्वस्थ चल रहे पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश फौजी का कुशलक्षेम पूछने के लिए कुछ घंटे के वाराणसी दौरे पर आए सपा मुखिया ने मीडिया से बातचीत के दौरान वाराणसी की किसी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल के जवाब में यह बात कही।

‘हम मुख्यमंत्री तब बनते हैं, जब चुनाव नहीं लड़ते’

अखिलेश यादव ने कहा, ‘हम मुख्यमंत्री तब बनते हैं, जब चुनाव नहीं लड़ते, इसलिए वही काम करेंगे, जो हमारे लिए शुभ होगा।’ उल्लेखनीय है कि 15 मार्च, 2012 को अखिलेश पहली बार यूपी के मुख्यमंत्री बने थे। उस वक्त वह कन्नौज से सांसद थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर विधान परिषद की सदस्यता ली थी।

दालमंडी ध्वस्तीकरण भी विधानसभा चुनाव में मुद्दा रहेगा

सपा मुखिया ने योगी सरकार पर भी तीखा प्रहार किया और आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन सपा उम्मीदवार को एमएलसी चुनाव हरवाना चाहता था। लेकिन बाबा विश्वनाथ ने डबल आशीर्वाद दे दिया। सपा प्रमुख ने दालमंडी में उजाड़े गए व्यापारियों और दुकानदारों का उल्लेख करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा भी होगा।

भाजपा अधिकतर मंत्रियों सहित 200 मौजूदा विधायकों के टिकट काटेगी

अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि इस बार भाजपा अपने 200 मौजूदा विधायकों के टिकट काटने जा रही है, जिनमें अधिकतर मंत्री हैं। मंत्रियों का टिकट सबसे पहले कटेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मणिकर्णिका घाट की विरासत मिटाने की कोशिश की और एमएलसी चुनाव में इसका जवाब मिला है। उन्होंने कहा, ‘बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद हम लोगों को डबल मिला है और भाजा को डबल इंजन की डबल हार मिली है।’

धीरेंद्र शास्त्री पर तत्काल प्रतिबंध लगना चाहिए

सपा प्रमुख ने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भगवान श्रीकृष्ण पर की गई कथित टिप्पणी पर भी कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि धीरेंद्र शास्त्री की सभी कथाओं पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। धीरेंद्र शास्त्री ने सनातन धर्म का अपमान करने का काम किया है, जो सरकार बुलडोजर लेकर घूमती थी, कम से कम बगल के मुख्यमंत्री जिनका नाम ही मोहन है, जो खुद को यादव भी कहते हैं, वह सोचें कि भगवान कृष्ण के बारे में ऐसी बात कैसे कही जा सकती है। सुनने में आया है कि उन्होंने प्रभु श्री राम के पिताजी के बारे में भी गलत कहा है। ऐसे लोगों पर प्रतिबंध लगना चाहिए।

‘काशी बनेगा क्योटो’ पर भी कसा तंज

वाराणसी के विकास को लेकर अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, ‘आपको यह फिक्र होनी चाहिए कि काशी क्योटो क्यों नहीं बनी? तस्वीरों में हमें सिर्फ फोटो देखने को मिल रहा है। जिन्होंने कहा था मुझे मां गंगा ने बुलाया है, मां गंगा को बुलाने वालों ने ही मां गंगा को भुला दिया है।’

जाम से मुक्ति व मेट्रो शुरू करने सहित वाराणसी के लिए किए कई वादे

अखिलेश यादव ने कहा कि सपा की सरकार बनने पर वाराणसी की ट्रैफिक और जाम की समस्या को खत्म किया जाएगा। जो मेट्रो परियोजना समाजवादी सरकार ने 10-11 साल पहले बनाई थी, वह मेट्रो वाराणसी को देने का काम करेंगे। वरुणा नदी पर रिवर फ्रंट बनना शुरू हुआ था, उसे फिर से शुरू करके हम उदाहरण देंगे कि शहर के अंदर साफ-सुथरी नदी कैसे रहती है। नदी किनारे लोगों की क्वालिटी ऑफ लाइफ के लिए काम करेंगे।’ उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा जब जाएगी तो बनारस मुस्कुराएगा।

ओमप्रकाश राजभर पर साधा निशाना

ओमप्रकाश राजभर के ‘मैं सबसे बड़ा गुंडा हूं’ वाले बयान पर अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा, शायद वह मुख्यमंत्री के कैबिनेट में नहीं जाते हैं। यदि कैबिनेट में जाएं तो उनसे भी बड़े लोग वहां दिखाई देंगे।’

पीडीए का मतलब है – प्रेम, दया, अपनापन

PDA को लेकर कन्फ्यूजन पर अखिलेश ने कहा कि पीएडीए पर जबर्दस्ती कन्फ्यूजन फैलाया जा रहा है। पीएडीए का फुल फॉर्म साफ है – पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक, अल्पसंख्यक में मुसलमान, जैन, बौद्ध, पारसी, सिख, ईसाई और जो छूट गए वो आधी आबादी। इसके बाद जो पीड़ित है, जो दुखी है, जो अपमानित हो रहा है, वह सभी पीएडीए में शामिल है। ब्राह्मण हो या कोई भी, सब शामिल हैं। पीडीए का मतलब है प्रेम, दया, अपनापन। हम जितना पीडीए दिखाएंगे, उतना ही हमारा गठबंधन बढ़ेगा।

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