भोपाल, तीन नवम्बर। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव में निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया, जब मंगलवार को दो निर्दलीय उम्मीदवारों – कान्ते सयान्ना व राजकुमार लोहानी के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए। वहीं कांग्रेस की ओर हरदीप पुरी के नामांकन के खिलाफ जताई गई आपत्तियों को भी रद कर दिया गया।
पुरी के नामांकन की वैधता को लेकर कांग्रेस ने जताई थी आपत्ति
राज्यसभा उप-चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर (RO) उमेश कुमार शर्मा ने दस्तावेजों की जांच-पड़ताल के बाद एक आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार हरदीप सिंह पुरी ने 31 अक्टूबर को नामांकन पत्रों के तीन सेट दाखिल किए थे। मंगलवार दोपहर दो बजे हुई जांच-पड़ताल के दौरान निर्दलीय उम्मीदवारों कान्ते सयान्ना व राजकुमार लोहानी तथा राज्य विधानसभा में विपक्ष के उप-नेता हेमंत कटारे ने हरदीप पुरी के नामांकन की वैधता को लेकर आपत्तियां जताईं। आपत्ति जताने वालों का मुख्य तर्क यह था कि उम्मीदवार द्वारा जमा किया गया फॉर्म-26 का शपथ-पत्र अमान्य और अधूरा था।
रिटर्निंग ऑफिसर ने खारिज की कांग्रेस का आपत्ति
रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा ने आपत्तियां जताने वालों की बात सुनी और उम्मीदवार को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया। शर्मा ने कहा, ‘आपत्तियों और रिकॉर्ड में मौजूद दस्तावेजों की बारीकी से जांच करने पर, उठाए गए आधार सही साबित नहीं हुए। RP एक्ट, 1951 (जन प्रतिनिधित्व अधिनियम) की धारा 33 और 34 की अनिवार्य शर्तों का कोई उल्लंघन नहीं पाया गया और न ही इस अधिनियम की धारा 36(2) के तहत नामांकन रद करने का कोई आधार मिला। नामांकन पत्र और उसके साथ लगे दस्तावेज सभी कानूनी आवश्यकताओं के अनुरूप पाए गए हैं।’
इसके विपरीत नामांकन पत्रों की जांच के अंतिम दिन निर्दलीय उम्मीदवार कांते सयन्ना और कांग्रेस समर्थित एक अन्य निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी के नामांकन पत्र खारिज किए जाने के साथ ही हरदीप सिंह पुरी का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया। एक अधिकारी ने बताया कि नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख पांच नवम्बर को परिणाम घोषित किया जाएगा।
आदेश के खिलाफ अदालत का रुख करेगी कांग्रेस
इस बीच मध्यप्रदेश विधानसभा में विपक्ष के उप-नेता हेमंत कटारे और कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने कहा कि वे इस आदेश के खिलाफ अदालत का रुख करेंगे। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘यह भारतीय लोकतंत्र पर हमला है। इतनी महत्वपूर्ण खामियों के बावजूद नामांकन पत्र खारिज नहीं किया गया।’ राज्यसभा की यह सीट केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।
अमेरिकी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ कथित संबंधों को लेकर पुरी की उम्मीदवारी का विरोध कर रही विपक्षी कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि पार्टी ने निर्दल विधायक लोहानी का समर्थन किया था। हेमंत कटारे भी लोहानी के प्रस्तावकों में शामिल हैं जबकि लोहानी के विधानसभा में निर्वाचन अधिकारी को नामांकन सौंपते समय पार्टी के छह विधायक भी वहां मौजूद थे। छह विधायकों में शामिल डॉक्टर हीरालाल अलावा ने कहा, ‘हमारी पार्टी के 10 विधायकों ने लोहानी को समर्थन दिया है। हम नहीं चाहते कि एपस्टीन से जुड़े पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा पहुंचे।’


