लखनऊ, 7 जून। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को गंभीर आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए दिए गए दान में से करोड़ों रुपये गायब हो गए हैं।
अखिलेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए इस मुद्दे को दुनियाभर में भगवान राम के भक्तों के लिए गहरी चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि मंदिर में चढ़ावे के कथित तौर पर गायब होने की घटना मंदिर ट्रस्ट के लिए शर्मनाक है और सवाल उठाया कि किसी ने भी इस बारे में कोई सफाई क्यों नहीं दी। सपा प्रमुख ने न्यायपालिका से भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लेने की मांग की और कहा कि यह मामला लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से सीधे जुड़ा है। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पायी गई है।
ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई भी सफ़ाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है।
न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की माँग है…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 7, 2026
अखिलेश ने ये बातें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आर्थिक मामलों पर हो रही चर्चाओं के बीच कही हैं। उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, ट्रस्ट ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 220.81 करोड़ रुपये की आय दर्ज की।
कमाई का एक बड़ा हिस्सा भक्तों के दान और चढ़ावे से आया
रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा योगदान रामलला के दान-पात्रों से मिला, जिनमें अप्रैल, 2025 से फरवरी, 2026 के बीच 54.79 करोड़ रुपये जमा हुए। दान काउंटरों से 18.88 करोड़ रुपये और ऑनलाइन दान से 8.33 करोड़ रुपये मिले। एफसीआरए के जरिए विदेशी योगदान 78 लाख रुपये रहा।
दान के अलावा, ट्रस्ट ने बैंक डिपॉजिट पर ब्याज के तौर पर लगभग 138 करोड़ रुपये कमाये, जिससे उसकी कुल आय 220 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई। अखिलेश के आरोपों पर मंदिर ट्रस्ट की ओर से तुरंत कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।

