वसई-विरार शूटिंग केस में यूपी एसटीएफ की बड़ी सफलता, दो शूटर गिरफ्तार; महाराष्ट्र पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई
लखनऊ, 31 जुलाई। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के वसई-विरार में कारोबारी मोहन परमार की हत्या की कोशिश के मामले में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और महाराष्ट्र पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर दो कथित शूटरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुजीत पांडे और मनोज ठठेरा के रूप में हुई है। सुजीत को बलिया और मनोज को आजमगढ़ से पकड़ा गया।
जानकारी के अनुसार, 24 जुलाई को मोहन परमार पर उनके कार्यालय से बाहर निकलते समय अज्ञात हमलावरों ने गोली चला दी थी। गंभीर रूप से घायल परमार का अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश भाग आए थे। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस ने यूपी एसटीएफ से सहयोग मांगा, जिसके बाद संयुक्त अभियान में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई हाल के दिनों में यूपी की सुरक्षा एजेंसियों की लगातार सफल अभियानों की कड़ी में एक और बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
नकली दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड भी दबोचा गया
इससे पहले 29 जुलाई को यूपी एटीएस ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रघुनाथगंज से नकली भारतीय दस्तावेज तैयार करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड और 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि गिरोह रोहिंग्या, बांग्लादेशी, नेपाली समेत अन्य विदेशी नागरिकों के लिए आधार कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण भारतीय दस्तावेज तैयार करता था।
दिल्ली से नाइजीरियाई नागरिक भी हुआ था गिरफ्तार
19 जुलाई को यूपी एसटीएफ ने दिल्ली से नाइजीरियाई नागरिक ओबेस प्रॉस्पर (27) को गिरफ्तार किया था। वह फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए भारतीय पुरुषों और महिलाओं को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाने वाले रैकेट का संचालन कर रहा था।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2023 में मेडिकल वीजा पर भारत आया था, लेकिन वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद अवैध रूप से भारत में रह रहा था। एसटीएफ ने उसके कब्जे से 5.085 किलोग्राम मेथामफेटामाइन, पांच मोबाइल फोन और दो पासपोर्ट बरामद किए थे। अधिकारियों के मुताबिक, जब्त मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 10 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई थी।
