नई दिल्ली, चार नवम्बर। केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों के भविष्य को लेकर एक अहम फैसला लिया है। इसके तहत 25 प्रतिशत अग्निवीर नियमित सैनिक बनेंगे। साथ ही अग्निवीरों का सेवा कार्यकाल दो वर्ष बढ़ाकर चार से छह वर्ष कर दिया गया है। कुल मिलाकर देखें तो 25 प्रतिशत अग्निवीर जहां नियमित सैनिक बनेंगे वहीं 75 प्रतिशत अग्निवीर सेना में छह वर्षों तक रहेंगे। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को यह जानकारी दी।
CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने दी जानकारी
दरअसल, पहले बैच के अग्निवीरों की चार वर्ष की सेवा अवधि 21 नवम्बर को समाप्त होने वाली है। चूंकि सेना के कमांडरों और जमीनी स्तर से मिला प्रदर्शन फीडबैक बहुत सकारात्मक रहा है। इसी आधार पर सरकार ने फैसला किया है कि 75 प्रतिशत अग्निवीरों को अतिरिक्त दो वर्ष की सेवा अवधि दी जाएगी।
बढ़ी अवधि के बाद सभी अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल होने का मौका
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने यह भी स्पष्ट किया कि इन दो वर्षों के बाद सभी अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा। यह मौका उनकी इच्छा और सेना के मूल्यांकन दोनों पर निर्भर करेगा। वर्तमान व्यवस्था में चार वर्ष बाद सिर्फ 25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी कैडर में रखा जाता था जबकि बाकी 75 प्रतिशत सेवा निधि लेकर बाहर हो जाते थे। अब इन 75 प्रतिशत को दो वर्ष का अतिरिक्त एंगेजमेंट पीरियड मिलेगा।
14 जून, 2022 को अग्निपथ योजना की शुरुआत हुई थी
जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने कहा, ‘आज इंडियन डिफेंस फोर्सेज के लिए और हमारे अग्निवीरों के लिए आज बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। आज कैबिनेट ने सारे अग्निवीरों के लिए एक पाथवे क्रिएट किया है, जिससे कि वो इंडियन डिफेंस फोर्सेज में अब्जॉर्ब हो जाएं। इसका मैं पहले सेलियंट पॉइंट्स बताता हूं और उसके बाद विस्तार में इस अनाउंसमेंट के बारे में बताऊंगा। जैसे आपको ज्ञात है, 14 जून 2022 में अग्निपथ स्कीम इंट्रोड्यूस किया गया था। उस समय भी यह बात हुई थी कि हम अग्निवीरों का कंटीन्यूअस परफॉर्मेंस इवैल्यूएशन करेंगे और टाइम टू टाइम स्कीम को रिव्यू करेंगे। अभी फर्स्ट बैच ऑफ अग्निवीर्स का चार साल खत्म होने वाला है। इन चार वर्षों के दौरान जो हमने उनका परफॉर्मेंस इवैल्यूएशन किया, बहुत ही पॉजिटिव फीडबैक उनके परफॉरमेंस के बारे में हमको मिला है।’
उन्होंने बताया, ‘जैसा आप जानते हैं, मेरिट के हिसाब से 25% ऑफ अग्निवीर्स को रेगुलर फोर्सेज में एनरोल किया जाएगा। अभी पहले यह था कि 75% अग्निवीर्स को एग्जिट होना था, सोसाइटी में ऐज डिसिप्लिन्ड एंड मोटिवेटेड यूथ। लेकिन अभी इस स्कीम के अंतर्गत रिमेनिंग 75% अग्निवीर्स को दो साल का एक और इंगेजमेंट पीरियड का ऑफर दिया जाएगा। जब वो ये दो साल का इंगेजमेंट पीरियड खत्म करेंगे, सारे विलिंग अग्निवीर्स को आर्म्ड फोर्सेज में एनरोल किया जाएगा, सब्जेक्ट टू ऑब्जेक्टिव सिलेक्शन क्राइटेरिया। ये चार मेजर पहलू हैं इस स्कीम के। जो हमने स्कीम का ऑब्जेक्टिव असेसमेंट किया।’
सीडीएस ने कहा, ‘इजेशन एफिशिएंसी और ऑपरेशनल रिक्वायरमेंट्स के बाद अग्निवीर्स का आउटस्टैंडिंग परफॉर्मेंस चाहे फिजिकल फिटनेस में हो, मोटिवेशन लेवल्स में हो, मोराल में हो या टेक्नोलॉजिकल प्रोवेस में हो, यह सामने आया। जैसे मैंने बताया, इसमें से 25% जो चार साल का अपना एंगेजमेंट पीरियड खत्म करेंगे, 25% को रेगुलर सोल्जर्स में एनरोल किया जाएगा। हमारे रेकमेंडेशन पे इंडियन डिफेंस फोर्सेज ने रेकमेंड किया है कि इन 75% अग्निवीर्स को एक सेकेंड एंगेजमेंट पीरियड दो साल का दिया जाए। आज यह सेकंड एंगेजमेंट पीरियड ऑफ 2 इयर्स कैबिनेट ने इसको अप्रूव किया है।’
राजा सुब्रमणि ने बताया, ‘जब यह अपना सेकेंड एंगेजमेंट पीरियड ऑफ 2 इयर्स कम्प्लीट करेंगे..सभी अग्निवीरों को भारतीय सशस्त्र बलों में नियमित सैनिकों के रूप में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा, जो उनकी इच्छा और चयन के वस्तुनिष्ठ मानदंडों पर निर्भर करेगा। ये इंट्रोडक्शन सेकेंड इंगेजमेंट पीरियड का दो साल का 75% अग्निवीर्स के लिए काफी डेलिब्रेट रीजनिंग के बाद रिव्यू के बाद किया गया है और ये दोनों पहलुओं को मीट करता है।
‘देश के सभी डिस्ट्रिक्ट्स में हमारा रिक्रूटमेंट का फुटप्रिंट बढ़ चुका है’
सुब्रमणि ने कहा, ‘ऑपरेशनल एफिशिएंसी, ऑर्गेनाइजेशनल रिक्वायरमेंट्स और अग्निवीर्स का एस्पिरेशंस। अब मैं विस्तार में चार साल में जो हमने रिव्यू किया और अग्निवीर के स्कीम के अचीवमेंट्स के बारे में बताना चाहता हूं। सबसे पहले हमारा रिक्रूटमेंट का फुटप्रिंट बढ़ चुका है देश के सभी डिस्ट्रिक्ट्स में, ऑलमोस्ट सभी डिस्ट्रिक्ट्स में अग्निवीर एनरोल हो रहे हैं। दूसरा, हमारा रिक्रूटमेंट प्रोसेस ट्रांसपेरेंट और स्ट्रीमलाइंड हो गया है। आप जानते हैं कि फिजिकल टेस्ट पहले होता था, फिर एंट्रेंस टेस्ट होता था। अभी रिटन टेस्ट पहले कर रहे हैं, उसके बाद फिजिकल टेस्ट। जिससे जो लिमिटेड नंबर ऑफ कैंडिडेट्स हैं, हम उनका ट्रांसपेरेंटली मेडिकल और पूरा रिक्रूटमेंट अच्छा…ढंग से कर पा रहे हैं। तीसरा, इन चार सालों में हमने पाया है कि अग्निवीरों का फिजिकल फिटनेस, मोटिवेशन, मोराल, टेक्नोलॉजिकल प्रोवेस और डिसिप्लिन बहुत ही ऊंचे स्तर का रहा है। इसके अलावा सर्विस के दौरान हमने उनके स्किल्स को एनहांस करने के लिए काफी मौका दिया है। जैसे अगर कोई 10th पास हो तो उसको 12th पास करा दिया गया है, कोई 12th पास है तो उसको मौका दिया है ग्रेजुएशन करने का। साथ-साथ उसको स्किल सर्टिफिकेट भी नेशनल क्वालिफिकेशन्स के द्वारा दिया गया है।’
उन्होंने कहा, ‘कई ब्रांचेज डिफेंस फोर्सेज के लिए, वुमन के लिए ओपन किए गए हैं। इस पूरे फीडबैक के बाद और रिव्यू करने के बाद ही यह निर्णय लिया गया है कि 75% रिमेनिंग अग्निवीरों को एक अनदर एंगेजमेंट पीरियड ऑफ टू इयर्स दिया गया है। इस सेकेंड इंगेजमेंट पीरियड में उनको हायर रेम्यूनरेशन मिलेगा और एनहांस्ड सेवा निधि मिलेगा और इस एंगेज इस सेकंड इंगेजमेंट पीरियड के इंट्रोडक्शन के साथ कैबिनेट ने सारे अग्निवीरों के लिए पाथवे क्रिएट कर दिया है कि वह इंडियन डिफेंस फोर्सेज में अब्सॉर्ब हो चुके, अब्सॉर्ब हो सकें। यह स्कीम के मेन फीचर्स और डिटेल्ड फीचर्स हैं।’
वेतन और आर्थिक लाभ
अग्निवीरों के वेतन का जिक्र करते हुए सीडीएस ने बताया कि पहले वर्ष अग्निवीर को 30,000 रुपये मासिक वेतन मिलता है। विस्तारित सेवा के दौरान दूसरे वर्ष यह बढ़कर 43,500 रुपये और तीसरे वर्ष 47,500 रुपये हो जाएगा। उन्होंने इसे वेतन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी बताया। अग्निवीरों के योगदान का 70 प्रतिशत हिस्सा सरकार की ओर से जारी रखने की व्यवस्था भी है। दो वर्ष की अतिरिक्त सेवा पूरी होने पर अग्निवीर को मिलने वाला कुल आर्थिक पैकेज लगभग 10.92 लाख रुपये होगा।


