UPEIDA की पहल : यूपी के सभी एक्सप्रेसवे पर एक नवम्बर से घटेगी वाहनों की रफ्तार

लखनऊ, 23 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने सर्दी के मौसम में कोहरे व शीतलहर के कारण होने वाले सड़क हादसों की रोकथाम के लिए अपने सभी एक्सप्रेसवे – लखनऊ-आगरा, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति सीमा कम करने का फैसला किया है।

एक नवम्बर से 15 फरवरी तक लागू रहेगी नई व्यवस्था

यह व्यवस्था एक नवम्बर से 15 फरवरी तक लागू रहेगी। दिन और रात में वाहनों की गति अलग-अलग होगी। नई समय सारिणी को औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने मंजूरी दी है। नई समयसारिणी के अनुसार सुबह आठ से रात आठ बजे और रात आठ से सुबह आठ बजे तक के लिए दो टाइम स्लैब तय किए गए हैं।

मौजूदा समय कार, बस तथा मालवाहक ट्रक की गति क्रमश: 120, 100 तथा 80 किमी प्रतिघंटा निर्धारित है। एक से 15 नवम्बर के बीच कार की दिन में अधिकतम स्पीड 100 किमी प्रतिघंटा तथा रात में 80 होगी। सवारी बसों की गति सीमा दिन में 80 किमी प्रति घंटा तथा रात में 60 किमी प्रतिघंटा होगी। मालवाहक ट्रक, डंपर, ट्रेलर आदि की गति दिन में 60 किमी तथा रात में 50 किमी प्रतिघंटा होगी।

वहीं 15 नवम्बर से 15 फरवरी के बीच कार की अधिकतम स्पीड दिन में 80, रात में 60 किमी प्रतिघंटा, सवारी बसों की गति दिन में 60 किमी तथा रात में 50 किमी प्रतिघंटा होगी। मालवाहक ट्रक, डंपर आदि की गति सीमा दिन में 50 किमी तथा रात में 40 किमी प्रतिघंटा होगी। यूपीडा के एसीईओ हरि प्रताप शाही के मुताबिक यह गति सीमा लखनऊ-आगरा, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे तथा गंगा एक्सप्रेसवे पर लागू रहेगी।

एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से स्पीड की निगरानी होगी

एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से शीतकालीन गति सीमा की निगरानी की जाएगी। तय सीमा से अधिक स्पीड से चलने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ट्रैफिक नियमों के तहत कार्रवाई की जा जाएगी। सभी टोल प्लाजा पर पीए सिस्टम से गति सीमा के प्रति सचेत किया जाएगा। यूपीडा की पेट्रोलिंग टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी। एक्सप्रेसवे पर जहां मोड़, नदी, नाले के पुल के पास रिफलेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।

जन-जागरूकता अभियान

टोल प्लाजा पर जन उद्घोषणा (PA) प्रणाली के माध्यम से सुरक्षित वाहन संचालन, संशोधित गति सीमा तथा कोहरे के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में नियमित घोषणाएं की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, रेडियो एवं एफएम चैनलों पर सुरक्षा संबंधी परामर्श प्रसारित किए जाएंगे। एक्सप्रेसवे के प्रवेश एवं निकास बिंदुओं, टोल प्लाजा तथा वे-साइड सुविधाओं पर प्रमुख स्थानों में स्थित साइनबोर्ड के माध्यम से भी यात्रियों को जागरूक किया जाएगा।

सड़क सुरक्षा संबंधी आधारभूत सुविधाओं में सुधार

सभी एक्सप्रेसवे पर रिफ्लेक्टिव टेप एवं साइनबोर्ड का निरीक्षण कर उनका समुचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा। प्रवेश एवं निकास बिंदुओं पर फॉग लाइट लगाई जाएंगी। इसके साथ ही, संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त परावर्तक चिह्न एवं ब्लिंकर लगाए जाएंगे। विशेष रूप से मोड़ों तथा नदियों, नालों एवं अन्य ऐसे क्षेत्रों के समीप स्थित हिस्सों पर ध्यान दिया जाएगा, जहां घना कोहरा छाने की आशंका अधिक रहती है। निर्माण, मरम्मत अथवा रखरखाव कार्य वाले स्थानों पर भी पर्याप्त सड़क सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएंगे।

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