नकली पनीर व बटर पर एक्शन : महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ के बाद अब गुजरात में भी ‘एनालॉग पनीर’ प्रतिबंधित

अहमदाबाद, 5 अगस्त। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बाद अब गुजरात सरकार ने भी एनालॉग पनीर, चीज़ और बटर के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में कई जगह अनियमितताएं मिलने के बाद राज्य सरकार ने यह फैसला किया।

मानकों के अनुरूप असली डेयरी उत्पाद बेचने और उनके उपयोग के निर्देश

गुजरात सरकार ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए यह आदेश जारी किया। इसके तहत राज्य सरकार ने होटल, रेस्तरां, डेयरी पार्लर और व्यापारियों को सिर्फ मानकों के अनुरूप असली डेयरी उत्पाद बेचने और उनका उपयोग करने के निर्देश दिए हैं।

नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ होगी कानूनी काररवाई

इस आदेश के बाद अब राज्य में कोई भी होटल, रेस्तरां, डेयरी पार्लर, सुपर मार्केट या व्यापारी एनालॉग पनीर, चीज़ और बटर का उत्पादन, बिक्री, भंडारण या परिवहन नहीं कर सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी काररवाई की जाएगी।

इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने भी सार्वजनिक स्वास्थ्य का हवाला देते हुए एनालॉग यानी नॉन-डेयरी पनीर के निर्माण, बिक्री, भंडारण, परिवहन और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। सरकार और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने स्पष्ट किया था कि एनालॉग पनीर को असली पनीर बताकर बेचना उपभोक्ताओं को गुमराह करना माना जाएगा। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बाद अब गुजरात ऐसा कदम उठाने वाला तीसरा राज्य बन गया है।

फूड सेफ्टी जांच में सामने आईं कई अनियमितताएं

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फूड सेफ्टी विभाग ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों से खाद्य उत्पादों के नमूने लेकर उनकी प्रयोगशालाओं में जांच कराई थी। जांच के दौरान कई जगह ऐसे उत्पाद मिले, जिन्हें डेयरी उत्पाद के रूप में बेचा जा रहा था, लेकिन वो निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने पूरे राज्य में ऐसे उत्पादों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू करने का फैसला किया।

देखने में असली डेयरी उत्पाद जैसे लगते हैं एनालॉग पनीर, चीज़ और बटर

सरकार के अनुसार एनालॉग पनीर, चीज़ और बटर देखने में असली डेयरी उत्पाद जैसे लगते हैं, लेकिन वे दूध से तैयार नहीं किए जाते। ऐसे उत्पादों की बिक्री से ग्राहकों में भ्रम की स्थिति पैदा होती थी। इसके साथ ही असली डेयरी उत्पाद बनाने वाले पशुपालकों और डेयरी उद्योग को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था।

स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने कहा कि सरकार के आदेश के बाद अब राज्य का कोई भी होटल, रेस्तरां, डेयरी पार्लर, सुपर मार्केट या व्यापारी एनालॉग पनीर, चीज़ और बटर का उत्पादन, बिक्री या परिवहन नहीं कर सकेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी काररवाई की जाएगी।

सरकार का कहना है कि इस काररवाई का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। इसके अलावा राज्य के पशुपालकों और डेयरी उद्योग के हितों की रक्षा करना भी इस फैसले का अहम उद्देश्य है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार काररवाई की जाएगी।

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