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राष्ट्रमंडल खेल 2026 : भारोत्तोलन में मिले और 2 पदक, ज्ञानेश्वरी ने जीता रजत, बिंदियारानी को कांस्य

ग्लास्गो, 27 जुलाई। भारतीय भारोत्तोलकों ने यहां राष्ट्रमंडल खेल 2026 के पांचवें दिन सोमवार को भी श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए दो पदक जीते। इनमें ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं के 53 किलोग्राम भार वर्ग में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन के बीच जहां रजत पदक जीता वहीं बिंदियारानी देवी ने 58 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। इस बीच एथलीटों ने फाइनल और मुक्केबाजों ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर देश के लिए उम्मीदें बढ़ा दीं।

एक स्वर्ण सहित 6 पदकों के साथ भारत नौवें स्थान पर

पदक तालिका पर गौर करें तो भारत एक स्वर्ण, तीन रजत व दो कांस्य सहित कुल छह पदक लेकर नौवें स्थान पर है। इनमें एक स्वर्ण व तीनों रजत सहित पांच पदक तो भारोत्तोलकों ने दिलाए हैं। वहीं तेजी से आगे बढ़ रहे ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम समाचार मिलने तक 59 पदक (26-13-20) पदक जीते हैं। दूसरे नंबर पर काबिज इंग्लैंड के खाते में 29 पदक (8-12-9) हैं जबकि कनाडा 21 पदक (7-8-6) पदक लेकर तीसरे स्थान पर है।

एशियाई कांस्य विजेता ज्ञानेश्वरी ने कुल 199 किलो वजन उठाया

एशियाई चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता ज्ञानेश्वरी ने लगातार बनते-टूटते रिकॉर्ड के बीच रजत पदक जीता। छत्तीसगढ के भोंडिया गांव की 23 वर्षीय लिफ्टर ने स्नैच में 88 किलो और क्लीन एंड जर्क में 111 किलो समेत कुल 199 किलो वजन उठाया।

नाइजीरिया की ओनोमे ने तोड़ा राष्ट्रमंडल व राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड

नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला ने राष्ट्रमंडल और राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड तोड़कर 206 किलो वजन उठाते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने स्नैच में 93 किलो और क्लीन एंड जर्क में 113 किलो वजन उठाया। कनाडा की रेबेका ग्राउल ने 178 किलो वजन उठाकर कांस्य पदक जीता।

क्लीन एंड जर्क में ज्ञानेश्वरी ने दो बार तोड़ा रिकॉर्ड

इस मुकाबले में कटा-कटी का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि कई बार रिकॉर्ड टूटे। मसलन, क्लीन एंड जर्क में ज्ञानेश्वरी ने 107 किलो वजन उठाकर खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया, लेकिन ओनोमे ने तुरंत ही 110 किलो वजन उठाकर यह रिकॉर्ड तोड़ दिया। ज्ञानेश्वरी भी हार मानने को तैयार नहीं थी, जिन्होंने 111 किलो वजन उठाकर फिर रिकॉर्ड अपने नाम किया। यह रिकॉर्ड हालांकि एक मिनट ही उनके नाम रहा और ओनोमे ने 113 किलो वजन उठाकर फिर रिकॉर्ड पर कब्जा कर लिया।

बिंदियारानी ने 199 किलो वजन के साथ जीता कांसा

बाद में अनुभवी भारतीय भारोत्तोलक बिंदियारानी देवी ने अच्छी चुनौती दी, लेकिन क्लीन एंड जर्क में दो नाकाम प्रयासों के कारण उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। बिंदियारानी ने स्नैच में 87 और क्लीन एंड जर्क में 112 समेत कुल 199 किलो वजन उठाया।

विश्व चैम्पियनशिप रजत पदक विजेता नाइजीरिया की राफियातू फोलाशेड ने 229 किलो वजन उठाकर खेलों का नया रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता जबकि कनाडा की अन सोफी को रजत पदक मिला, जिन्होंने 215 किलो वजन उठाया।

श्रीशंकर व सत्यनाथन लंबी कूद के फाइनल में

उधर ट्रैक एंड फील्ड मुकाबले में भारत के लंबी कूद के एथलीट एम श्रीशंकर ने क्वालीफाइंग स्तर पार करके फाइनल में जगह बनाई जबकि लोकेश सत्यनाथन भी शीर्ष 12 में जगह बनाकर आगे बढ़ने में सफल रहे। श्रीशंकर ने ग्रुप ए में अपने पहले ही प्रयास में 8.01 मीटर की दूरी तय करके सीधे फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया।

श्रीशंकर अपने ग्रुप से सीधे क्वालीफाई करने वाले इकलौते एथलीट रहे। उनका सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8.38 मीटर है। फाइनल के लिए क्वालीफाइंग स्तर आठ मीटर या सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कम से कम 12 खिलाड़ी थे। इस ग्रुप से पांच अन्य खिलाड़ियों ने शीर्ष 12 में जगह बनाकर फाइनल में प्रवेश किया।

ग्रुप बी में चुनौती पेश कर रहे सत्यनाथन ने अपने पहले ही प्रयास में 7.77 मीटर की दूरी तय की। वह ग्रुप बी में रेगन कोरिन (7.84 मीटर) के बाद चौथे स्थान पर रहे। जमैका के तेजाय गेल (8.10 मीटर) और उरोय रेयान (8.04 मीटर) ने ग्रुप बी से सीधे फाइनल में जगह बनाई। फाइनल बुधवार (29 जुलाई) को होगा।

फर्राटा धावक गुरिंदरवीर सिंह उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए

हालांकि भारतीय फर्राटा धावक गुरिंदरवीर सिंह उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए और 10.39 सेकेंड के निराशाजनक समय के साथ हीट (शुरुआती दौर) में 28वें स्थान पर रहने के बाद पुरुषों की 100 मीटर दौड़ की स्पर्धा से बाहर हो गए। गुरिंदरवीर वस्तुतः 100 मीटर दौड़ में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के करीब भी नहीं पहुंच पाए।

मुक्केबाजी : सचिन, अंकुश व साक्षी क्वार्टर फाइनल में

मुक्केबाजी रिंग देखें तो पूर्व विश्व युवा चैम्पियन सचिन सिवाच, उभरते हुए युवा मुक्केबाज अंकुश और साक्षी चौधरी ने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। 26 वर्षीय सचिन ने प्री क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड के विलियम हेविट को 4-1 से हराया। भारतीय खिलाड़ी ने इंग्लैंड के मुक्केबाज के खिलाफ धैर्य बरकरार रखते हुए जीत दर्ज की। पांच जज में से चार ने भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में फैसला दिया। इस जीत से सचिन राष्ट्रमंडल खेलों में पदक से सिर्फ एक जीत दूर हैं। अब उनका अगला मुकाबला क्वार्टर फाइनल में बोत्सवाना के ट्रेजर मोरेमी से होगा।

अंकुश ने प्री क्वार्टर फाइनल में एकतरफा मुकाबले में एंटीगा एवं बारबुडा के यान जेलान को सर्वसम्मत फैसले में 5-0 से हराया। हरियाणा के इस 20 वर्षीय मुक्केबाज को भी पदक पक्का करने के लिए सिर्फ एक और जीत की दरकार है। वहीं पूर्व विश्व युवा और जूनियर चैम्पियन साक्षी ने 51 किलोवर्ग में बोत्सवाना की लेथाबो मोडुकानेले को 5 . 0 से हराया। अब वह उत्तरी आयरलैंड की कैटलिन फ्रायेर्स से खेलेंगी।

तैराकी : साजन, आर्यन व पैरा तैराक स्वातिक पटेल फाइनल में

तैराकी में दो बार के ओलम्पियन साजन प्रकाश ने सभी हीट (शुरुआती दौर) में कुल छठे स्थान पर रहते हुए राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुष 200 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई। साजन हीट नंबर दो में एक मिनट 58.59 सेकेंड के समय के साथ स्कॉटलैंड के डंकन स्कॉट से पीछे रहे, जिन्होंने एक मिनट 58.29 सेकेंड के समय के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। आर्यन नेहरा (पुरुषों की 800 मीटर फ्रीस्टाइल) और पैरा तैराक स्वातिक पटेल (पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक एसबी9) ने भी फाइनल में जगह बनाई।

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