शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद बोले प्रह्लाद जोशी- ‘पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाऊंगा’

नई दिल्ली, 25 जुलाई। नीट-यूजी विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र के बाद शनिवार की रात शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभालने वाले कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि वह पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।

प्रह्लाद जोशी ने पीएम मोदी का आभार जताते हुए कहा, ‘मैं इस जिम्मेदारी को कर्तव्य और विनम्रता के भाव के साथ स्वीकार करता हूं। मैं प्रधानमंत्री का आभारी हूं। मुझे जो जिम्मेदारी दी गई है, मैं प्रधानमंत्री की उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा।’ उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में वह अपनी क्षमता के अनुसार बेहतर काम करने की कोशिश करेंगे और पूरी निष्ठा के साथ शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारियों को निभाएंगे।

जोशी ने मोदी सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान देश में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की गई हैं। उन्होंने साथ ही पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की भी तारीफ करते हुए कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों में धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के साथ कई महत्वपूर्ण पहल कीं और नई शिक्षा व्यवस्था में देश ने महत्वपूर्ण प्रगति की है।

भाजपा के बड़े चेहरे हैं प्रह्लाद जोशी

उल्लेखनीय है कि प्रह्लाद जोशी लंबे समय से कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय हैं। वह 2004 से धारवाड़ लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पहली बार 2004 में उन्होंने इस सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा और कांग्रेस के बीएस पाटिल को हराकर संसद पहुंचे। इसके बाद उन्होंने लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की। वह 2014 से 2016 तक कर्नाटक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

जोशी का राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से भी जुड़ा रहा है। 1992 से 1994 के बीच हुबली के ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने को लेकर हुए आंदोलन के बाद वह चर्चा में आए थे। अपने शुरुआती राजनीतिक दौर में उन्होंने ‘कश्मीर बचाओ आंदोलन’ का भी नेतृत्व किया था।

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