उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका : लोकसभा स्पीकर ने UBT के 6 सांसदों के शिंदे गुट में विलय को मंजूरी दी
नई दिल्ली, 18 जुलाई। संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा, जब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शनिवार को शिवसेना (UBT) के छह बागी सांसदों के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में विलय को मंजूरी दे दी।
यह फैसला दलबदल विरोधी कानून के तहत सांसदों के पाला बदलने को औपचारिक मंजूरी देता है। यह फैसला 20 जुलाई से प्रस्तावित संसद के मॉनसून सत्र से दो दिन पहले आया है, जिसमें भाजपा के नेतृत्व वाली NDA सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पास कराने के लिए लोकसभा में अपनी संख्या बढ़ाना चाहती है।
ये हैं शिवसेना (UBT) के बागी सांसद
शिवसेना (UBT) के ये छह बागी सांसद मुंबई नॉर्थ-ईस्ट से संजय दीना पाटिल, धाराशिव से ओमप्रकाश राजेनिंबालकर, यवतमाल-वाशिम से संजय देशमुख, परभणी से संजय जाधव, शिरडी से भाऊसाहेब वाकचौरे और हिंगोली से नागेश पाटिल अष्टिकर हैं, जिन्होंने गत 22 जून को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्ताधारी शिवसेना का दामन थाम लिया था।
लोकसभा में शिंदे सेना की संख्या बढ़कर 13 पहुंची
स्पीकर की इस मंजूरी से लोकसभा में शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के सदस्य के तौर पर इन छह सांसदों को औपचारिक मान्यता मिल गई है, जो पार्टी में लंबे समय से चल रही अंदरूनी फूट में एक और अहम घटनाक्रम है। इसके साथ ही लोकसभा में शिंदे गुट की सांसदों की संख्या 13 हो गई है।
देखा जाए तो यह घटनाक्रम एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के गुटों के बीच लंबे समय से चल रही सत्ता की लड़ाई में एक नया मोड़ है। 2022 में पार्टी के बंटवारे के बाद से ही दोनों गुट शिवसेना के नेतृत्व, संगठनात्मक नियंत्रण और चुनावी पहचान को लेकर कई राजनीतिक और कानूनी लड़ाइयां लड़ रहे हैं।
टीएमसी से अलग हुए 20 सांसदों के लिए भी अलग बैठने की व्यवस्था
लोकसभा स्पीकर ने इसी क्रम में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर ‘नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया’ (NCPI) बनाने वाले 20 सांसदों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था को भी मंजूरी दे दी, जिससे सदन में इस समूह की अलग पहचान को औपचारिक मान्यता मिल गई।
